मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी स्थान स्थान पर पहाड़ियों पर अवैध रूप से मलवा डालने के कारण वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है। जिसके कारण यह समस्या गंभीर होती जा रही है। मलवा डालने वालों के हौंसले इतने बुलंद है कि मलवा डालने के लिए रैलिंगें भी तोड़ दी गयी है वहीं मलवा रोड के किनारे भी छोड़ा जा रहा है जिससे दुर्घटना का भी खतरा बढ गया है।
मसूरी में विभिन्न स्थानों पर पहाड़ियों से मलवा जंगलों में डाला जा रहा है जिससे वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है। जंगलों में छोटे पौधे तो मलवे से पूरी तरह नष्ट हो रहे है, वहीं बड़े पेड़ चोटिल हो रहे है, जिसके कारण ये पेड़ अधिक दिनों तक सरवाइव नहीं कर सकते। सबसे अधिक स्थिति कैमल बैक रोड पर खराब हो रही है, जहां लगातार मलवा डाला जा रहा है व बड़ी संख्या में पेड़ों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हालांकि वन विभाग समय समय पर अभियान चलाता है व मलवा डालने वाले वाहनों को पकड़ा भी जाता है लेकिन उसके बाद भी मलवा डालने वाले चोरी छिपे मलवा डालने से बाज नहीं आ रहे। मलवा डालने वालों के हौंसले इतने बुलंद है कि उन्होंने रोड सुरक्षा के लिए बनायी गयी रैलिंग भी हटा दी ताकि मलवा डालने में परेशानी न हो भले ही जंगल को नुकसान हो जाये। इस संबंध में एसीएफ डा. उदय गौड ने कहा कि वन विभाग की टीम लगातार मलवा फेंकने वालों पर नजर रखती है, लेकिन उनका पता नहीं चल पाता कि वे कब मलवा डाल देते है, लेकिन कई बार पकड़ में आ जाते है हाल ही में बार्लोगंज क्षेत्र में दो मलवा डालने वाले पकड़े गये। उन्होने कहा कि कैमल बैक रोड पर वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है, ताकि ऐसे अवैध मलवा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
