एमपीजी छात्रसंघ अध्यक्ष ने पालिकाध्यक्ष पर लगाये गंभीर आरोप। 

उत्तराखंड देहरादून/मसूरी

मसूरी। एमपीजी कालेज छात्र संघ के अध्यक्ष प्रवेश राणा ने एमपीजी कालेज के प्रांतीयकरण करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है लेकिन कहा कि उन्होंने मार्च माह में ही पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी को पत्र देकर प्रांतीयकरण की मांग की थी, जिस पर उन्होंने ज्ञापन तक नहीं लिया था। उन्होंने कहा कि गत एक वर्ष में एमपीजी कालेज का प्रबंधन पूरी तरह से कालेज के विकास में विफल रहा है।
उन्होंने कहा कि आश्चर्य तो इस बात का है कि देश की सबसे महत्वपूर्ण नगर पालिका जो डिग्री कालेज को संचालित कर रही है, वह आज डिग्री कालेज में अपनी कमियों के कारण चलाने में असमर्थ हो गयी है व इसका दोष छात्रों व शिक्षकों पर डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब पालिकाध्यक्ष एक कालेज को नहीं संभाल पा रही तो पूरे शहर को कैसे सभाल पायेगी। पूर्व में पालिकाध्यक्ष ने कालेज के हास्टल क्षेत्र में अवैध पेडों के कटान को छुपाने का प्रयास किया, जबकि ट्रिपल इंजन की सरकार है, लेकिन वह आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस तरह के जुमले का प्रयोग कर रही है। उन्होंने छात्रों की आवाज व छात्र राजनीति को खत्म करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी ने पानी, शौचालय, गेट के सौदर्यीकरण का ज्ञापन दिया लेकिल कुछ नहीे हुआ। कालेज की प्रबंधन समिति तक नहीं बन पायी, जिससे उनके सारे कार्य फेलियर है। कालेज में कार्यरत शिक्षकों का वेतन पिछले डेढ सालों ने नहीं मिल पाया है, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगर कालेज का प्रांतीयकरण करने का प्रस्ताव पास किया गया तो दो बडे टेडर कालेज की मरम्मत व रंग पुताई के निकाले गये जिसमें अपने चहेते को लाभ पहुचाने के लिए गत वर्ष 14 लाख 90 हजार व इस वर्ष 14 लाख 80 हजार का टेडर निकाला गया जो कि सरकारी धन का दुरूपयोग है, पालिका को कालेज के प्रांतीयकरण के लिए शिक्षा विभाग व सरकार पर दबाव बनाना चाहिए, केवल प्रस्ताव पास करने से कुछ नही होगा।