रेलवे भूमि के विवाद में नोटिस दिए, स्थानीय लोगों ने विरोध किया व तीखी नोकझोंक हुई।

उत्तराखंड देहरादून/मसूरी

 

मसूरी। झड़ीपानी स्थित रेलवे की संपत्ति को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। रेलवे की एक टीम झड़ीपानी पहुुंची व वहां रह रहे लोगों को न्यायालय उत्तर रेलवे मुरादाबाद की ओर से नोटिस थमाने लगे व कई लोगों के घरो पर नोटिस चिपका दिए गये। जिसका वहां रह रहे लोगों ने जमकर नारेबाजी कर विरोध किया व रेलवे के अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक हुई। जिसके बाद उन्होंने लोगों को नोटिस नहीं दिये।
रेलवे के अधिकारी रेलवे पुलिस के साथ अचानक झड़ीपानी पहुंचे व वहंा निवास कर रहे लोगों के घरों पर नोटिस चिपका दिए वहीं कुछ लोगों मौके पर मौजूद लोगों को न्यायालय उत्तर रेलवे संपदा अधिकारी की ओर से नोटिस देने लगे जिसका वहंा निवास कर रहे लोगों ने जमकर विरोध किया व अधिकारी के साथ तीखी नोक झोंक हुई। इस मौके पर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर आशु कुमार शर्मा ने कहा कि यह संपत्ति रेलवे की है जिस पर लोगों ने अवैघ कब्जा कर घर बना लिए है। जिस पर उन्हें उच्च न्यायालय में चल रहा है। इसी को संदर्भित करते हुए नोटिस दिए गये कि रेलवे की भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया गया है, नोटिस में लिखा गया है कि नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर लिखित रूप से कारण स्पष्ट करें, वरना बेदखली का आदेश पारित किया जायेगा, अगर कोई जबाव देने में विफल रहता है या जबाव नहीं देता तो उनके विरूद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा। उन्होंने लोगों से कहा कि वे अपना उत्तर मुरादाबाद रेलवे संपदा अधिकारी उत्तर रेलवे को दें। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बार बार रेलवे के अधिकारी आकर स्थानीय निवासियों को उत्पीड़न कर रहे हैं, जबकि यह संपत्ति उन्होंने क्रय की है जिसकी रजिस्ट्री, म्यूटेशन उनके पास है, जबकि रेलवे के अधिकारी अपनी संपत्ति के कोई कागज नहीं दिखाते। आपसी नोकझोंक के बीच मौके पर बार्लोगंज चौकी से पुलिस भी मौके पर पहुंची। लोगों ने कहा कि रेलवे जानबूझ कर उन्हें प्रताड़ित कर रहा है जिसका विरोध किया गया व आगे भी किया जाता रहेगा। इस मौके पर स्थानीय निवासी प्रदीप भंडारी, गौरव रावत, भावना गोस्वामी, कमलेश भंडारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद रहे।