मसूरी। गुरु नानक फिफ्थ सैंटनरी स्कूल में लोक पर्व हरेला का आयोजन बड़े उत्साह एवं उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण, वृक्षारोपण तथा उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना रहा। विद्यार्थियों ने चार्ट, पोस्टर व कविता के माध्यम से हरेला पर्व के महत्व पर विचार प्रस्तुत किए एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
विद्यालय परिसर में पौधारोपण बड़े उत्साह के साथ किया गया तथा विद्यार्थियों ने प्रत्येक वर्ष अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। प्रधानाचार्य अनिल तिवारी ने कहा कि हरेला केवल एक जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रकृति के साथ हमारी कृतज्ञता और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से वृक्षों के संरक्षण को दैनिक जीवन शैली का हिस्सा बनाने के लिए कहा। यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि उनके संरक्षण और नियमित निगरानी की भी व्यवस्था की जाएगी। ऐसा करने पर आगामी वर्षों में मसूरी और अधिक हरा भरा और प्रदूषण मुक्त बन सकेगा। कार्यक्रम में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। एसडीएम मसूरी राहुल आनंद, सामाजिक कार्यकर्ता संदीप साहनी व संजय अग्रवाल ने कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अनिल तिवारी, प्रशासनिक अधिकारी सुनील बक्शी, प्रधानाध्यापक कुलदीप सिंह त्यागी, नीता तिवारी, देवयानी सरकार, अवनीत कौर, आफाक खान, प्रदीप ध्यानी, राकेश नौटियाल, समस्त अध्यापकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
