बारिश के बीच नाग देवता की डोली निकाली गयी।

उत्तराखण्ड देहरादून/मसूरी
मसूरी। भटटा गांव से भारी बारिश के बीच पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ भगवान नाग देवता की डोली निकाली गयी जो भटटा गांव से मसूरी मार्ग होते हुए कार्टमेंकंजी मार्ग से नाग मंदिर तक गयी। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु मौजूद रहे।
हरवर्ष की भांति इस बार भी भगवान नाग देवता डोली की भटटा गांव में पूजा अर्चना की गयी व इसके बाद पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ डोली निकाली गयी जो मुख्य मार्ग से कार्ट मंेकंजी मार्ग होते हुए नाग देवता मंदिर तक गयी। इस दौरान बड़ी संख्या में पुरूषों के साथ महिलाएं कलश लेकर चल रही थी वहीं वाद्ययंत्रों की थाप पर देवता अवतरित हुए। इस संबंध में आशीष रावत ने बताया कि नाग देवता की डोली हर वर्ष नाग पंचमी से पूर्व निकाली जाती है व भटटा से क्यारकुली के नाग देवता मंदिर जाती है व वहंा पर पूरे सप्ताह भागवत कथा वाचन होता है व 17 अगस्त को नागपंचमी पर कथा समाप्त होगी। इस मौके पर संुदर सिंह कोटाल ने कहा कि नाग देवता इस क्षेत्र में रक्षक देवता है व उनके सम्मान में हर वर्ष उनकी डोली निकाली जाती है जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल होते व अपने ईष्ट देवता की पूजा अर्चना करते है व नाग मंदिर में नाग पंचमी पर मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें बडी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहते है। इस मौके पर बडी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।