मसूरी। मसूरी मालरोड पर विगत दिनों कुलड़ी की चढाई पर पर्यटकों ने जिस तरह से महिला के साथ मारपीट की उसके सर पर क्रेट मारी उसके बाद पुलिस की शांति भंग करने की कार्रवाई बता इतिश्री करने से जनता में लगातार अक्रोश बढ रहा है। जबकि पुलिस को उन पर्यटकों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो देख कर हर कोई पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खडे कर रहा है।
इस घटना पर भाजपा युवा मोर्चा मंत्री व सर्वोच्च न्यायालय भारत सरकार स्टैण्डि कांउसिल आर्यनदेव उनियाल ने इस घटना पर कडी प्रतिक्रिया दी व कहा कि पुलिस की इस हीला हवाली से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खडे़ हो रहे है। उन्होंने कहा कि उस दौरान महिला पर व उसके पति सहित अन्य पर जानलेवा हमला नहीं था, ऐसे में 170 धारा लगाना कहां तक उचित है, 115,16,17, व 18 सहित अन्य गंभीर धाराएं लगनी चाहिए थी। यह पुलिस का छोटा कार्य है पुलिस को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए। महिला के आठ टांके, पति के उनके दस टांके उनके मित्र के 18 टांके लेकर अस्प्ताल में पड़े है, यह पुलिस को दिखाई नहीं दिया जबकि सोशल मीडिया पर चल रहा वीडियों में साफ दिख रहा है ऐसे में पुलिस को कार्रवाई का अधिकार है। उन्होंने कहा कि ऐसे अनपढ, गंवार पर्यटकों को मसूरी नहीं आना चाहिए। मसूरी पर्यटक स्थल है यहां पर सभी का सम्मान है, पर्यटक आयंे लेकिन ऐसी हरकत बर्दास्त नहीं की जायेगी। ऐसे वीडियों पर हाई कोर्ट स्वतःस्फूर्त न्यायाधीश कडी से कडी धाराओं में प्राथमिकी के लिए कहता है। पर्यटकों को भी समझाना चाहिए। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष राकेश रावत ने कहा कि उन्हें भी वीडियों से पता चला। पर्यटक ने महिला के साथ जिस तरह से जान से मारने का प्रयास किया यह गलत है, ऐसे में पुलिस की कार्रवाई शर्मनाक है। ऐसे में मसूरी के लोगांे को संगठित होकर विरोध करना चाहिए। यहीं नहीं पूरे उत्तराखंड में माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। हुडदंगियों को उसी की भाषा में जबाव देना चहिए। पुलिस ने जिस तरह से हल्की धाराओं में कार्रवाई की यह बर्दास्त से बाहर है। पियूष गोयल ने कहा कि एक महिला के साथ ऐसा कैसे किया जा सकता है, ऐसे में किसी के साथ ही ऐसी घटना हो सकती है। ऐसे में सभी को एक होना चाहिए। इस संबंध में व्यापार संध महामंत्री जगजीत कुकरेजा ने कहा कि वायरल वीडियो में पुलिस ने हल्की कार्रवाई की जबकि नजीर बना कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। पर्यटक आये उनका स्वागत है लेकिन उन्हें मयार्दा में रहना चाहिए। पुलिस उन पर कठोर धारा लगा कर कार्रवाई करे व आरोपियों को सलाखों के पीछे डाला जाय। ऐसे में पुलिस को अपना आचरण बदलना होगा वरना बडा जनांदोलन किया जायेगा।
