सभासद जसबीर कौर ने पालिका भूमि की संयुक्त सर्वे कराने की मांग जिलाधिकारी से की। 

उत्तराखंड

मसूरी। नगर पालिका सभासद जसबीर कौर ने जिलाधिकारी को एसडीएम कार्यालय के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर मसूरी नगर पालिका की समस्त भूमि का संयुक्त सर्वे कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया कि मसूरी नगर पालिका परिषद के अंतर्गत पालिका की भूमि का स्पष्ट सीमांकन एवं पहचान न होने के कारण अनेक स्थानों पर लोगों द्वारा अतिक्रमण एवं अवैध कब्जे किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही है। वर्तमान स्थिति में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि कौन कौन सी भूमि नगर पालिका परिषद की है तथा उसकी वास्तविक सीमाएं क्या हैं। उन्होंने जनहित एवं सरकारी भूमि की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अनुरोध है कि मसूरी नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत नगर पालिका की समस्त भूमि का एक संयुक्त सर्वें कराया जाना अति आवश्यक है। मांग की गयी कि सर्वें राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद मसूरी, मसूरी देहरा विकास प्राधिकरण तथा टिहरी जनपद के संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा कराया जाय, ताकि सभी विभागों के अभिलेखों का मिलान कर वास्तवकि स्थिति स्पष्ट हो सके। संयुक्त सर्वे होने से सरकारी भूमि पर हो रहे अतिक्रमण की पहचान संभव होगी तथा भविष्य में नगर पालिका की भूमि को सुरक्षित रखने में सहायता मिलेगी। साथ ही भूमि संबंधी विवादों एवं भ्रम की स्थिति भी समाप्त हो सकेगी। इस मौके पर सभासद जसबीर कौर ने कहा कि जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया है कि पालिका की भूमि का सर्वे नही हुआ है पूर्व में भी कहा गया था। संयुक्त सर्वे से पता लगेगा कि पालिका की भूमि सुवाखोली से भद्राज तक कहां कहां है इसका पता लगाया जाना जरूरी है जिन पर कब्जे किए जा रहे है। मसूरी पालिका सहित विकास नगर, टिहरी के अधिकारी भी शामिल हों, ऐसे मे पालिका के पास नक्शे तो है लेकिन भूमि का पता नहीं लग पा रहा वहीं विकास नगर वाले कहते है हमारी भूमि है कभी टिहरी वाले कह रहे है कि हमारी भूमि है। जिस कारण लगातार विवाद बढ रहे है। पालिका की पांच सौ बीघा भूमि पालिका की भद्राज क्षेत्र में है जिसमें विवाद हो रहा है, अभी हाल में वहां पर वनाधिकार समिति भी बना रहे है यहां पालिका की भूमि है वहां पर समिति नहीं बन सकती। यह शहरी क्षेत्र में है, पूर्व में भी तत्कालीन जिलाधिकारी सोनिया सिंह के समय भी मांग की थी। पालिका की किंक्रेग, गार्डन सहित कई स्थानों पर भूमि है जिस पर अतिक्रमण हो जाता है व लोग मकान बनाते है और बाद में विवाद होता है पहले पालिका के पिलर थे जो अब नही है। विगत दिनों जार्ज एवरेस्ट में भी यह बात आयी थी। पालिका हो या सरकार की हो उस पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए इसी भूमि पर सरकारी आवास बनाये जा सकते है या कोई योजना लायी जा सकती है। जिनके पास घर नहीं है उन्हें घर बना कर दे सकते हैं। अगर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में बडी घटना हो सकती है।