यातायात प्लान, से पर्यटक हो रहे परेशान, कुलडी व लंढौर जाने वालों को भेजा जा रहा हाथी पांव।

उत्तराखंड देहरादून/मसूरी

मसूरी। पर्यटन नगरी में लगातार लग रहे जाम से निजात नहीं मिल पा रही, प्रशासन व पुलिस की बनाई गयी योजनाएं धरातल पर उतरने से पहले ही ध्वस्त हो रही है, वहीं पर्यटकों को परेशान किया जा रहा है, जिसका प्रभाव पर्यटन व्यवसाय पर पड़ रहा है।
मसूरी में सीजन के चलते ही पुलिस ने यातायात प्लान बनाया जिसका संचालन शुरू कर दिया। लेकिन इस प्लान में इतनी खामियां है, जिससे पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। जब दिल्ली से पर्यटक देहरादून ढाई घंटे में पहुंच रहा है वहीं देहरादून से मसूरी पांच से छह घंटे लग रहे है, जिसका कारण पुलिस की गलत योजना को माना जा रहा है। उनके इस प्लान से कुलड़ी, लंढौर, व मालरोड के होटलों में पर्यटकों की आवाजाही कम हो रही है वहीं पर्यटकों को जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है व उन्हें मसूरी के बाहरी क्षेत्रंो में चार से पांच घंटे घुमाया जा रहा है। देहरादून से आये एक पर्यटक का होटल कुलडी क्षेत्र में बुक था, जब वह आया तो उन्हें पहले गजि बैंड पर रोका गया, उन्होंने बताया कि उन्हें कुलडी क्षेत्र में जाना है जहां पर उनका होटल पहले से बुक है, लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें कार्ट मेकंजी रोड पर जाने के लिए कहा उन्होंने कहा कि उनका होटल तो पिक्चर पैलेस क्षेत्र में है, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। उसके बाद वह पर्यटक हाथी पांव से घूम कर जीरो प्वाइंट पहुंचा व कहा कि उन्हें पिक्चर पैलेस जाना है जहां उनका होटल बुक है तो वहां पर तैनात पुलिसकर्मी ने उन्हें कैंंपटी फाल वाले मार्ग पर भेज दिया, पर्यटक का कहना था कि उन्हें मसूरी में ही करीब 25 किमी घुमाते रहे। वहीं एक अन्य पर्यटक जिनका होटल कुलडी पिक्चर पैलेस क्षेत्र में बुक था उन्हें भी उनके कहने के बाद गजि बैंड से हाथी पांव की ओर भेज दिया। सवाल यह है कि सीजन का व्यवसाय पर्यटकों पर निर्भर रहता है और इसका इंतजार पूरे वर्ष किया जाता है कि सीजन आयेगा व उनका व्यवसाय चलेगा, लेकिन अगर पुलिस पर्यटकों को ऐसे ही भटकने को मजबूर करती रहेगी तो सीजन निश्चित प्रभावित होगा, पुलिस व प्रशासन की इस व्यवस्था के कुलड़ी क्षेत्र के होटलों में ंपर्यटकों की आमद कम हो रही है जिसे होटल व्यवसायी चिंतित है। पर्यटक को देवभूमि में एक ओर तो भगवान का दर्जा दिया जाता है व कहा जाता है कि अतिथि देवा भव, लेकिन यहां आकर उन्हें दर दर भटकने पर मजबूर किया जाता है जो कि यहंा पैसा खर्च करने आया है यहंा के लोगों को रोजगार देने आया है वहीं सरकार को राजस्व देने आया है, लेकिन उसके साथ जो व्यवहार किया जा रहा है उससे आने वाले समय में पर्यटन को बडा नुकसान हो सकता है। इस संबंध में जब कोतवाल देवेंद्र चौहान से पूछा तो उन्होंने कहाकि पुलिस व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रही है लेकिन पिक्चर पैलेस व लंढौर क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को सीधे आने दिया जा रहा है अगर वहां पर पुलिस ऐसा कर रही है तो उनको बताया जायेगा कि इस क्षेत्र में आने वालों को सीधे आने दिया जाय जबकि कैंपटी व यात्रा पर जाने वालों को गजि बैड से भेजा जाय। इस संबंध में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल व सचिव अजय भार्गव का कहना है कि उन्हें भी जब इस बात का पता चला तो उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहाकि पर्यटक हमारे अतिथि है अगर उन्हें परेशान किया जायेगा व उन्हें गंतव्य तक पहुंचने नहंी दिया जायेगा तो इसका प्रभाव पर्यटन पर पडेगा, अगर स्थिति नहीं सुधरी तो इस बात को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जायेगा।