मसूरी। सेवार्थ विद्यार्थी द्वारा आयोजित मशरूम प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन पर प्रशिक्षणार्थियों के लिए विशेष रूप से प्रायोगिक सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने स्वयं मशरूम उत्पादन एवं संबंधित प्रक्रियाओं को सीखा और व्यावहारिक रूप से कार्य करते हुए इसकी बारीकियों को समझा। सत्र अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक रहा, जिससे विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता और कौशल विकास की भावना को बल मिला।
समापन अवसर पर आयोजित समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह प्रमाण पत्र वितरण पूर्ण नगर पालिका अध्यक्ष ओम प्रकाश उनियाल द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और समाज के विकास में सहायक सिद्ध होते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील पवार, डॉ. अमिताभ भट्ट, डॉ. आरपीएस चौहान सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने प्रशिक्षणार्थियों के कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान मुख्य मशरूम अधिकारी बासवानंद कोठियाल द्वारा पूरे प्रशिक्षण का संचालन एवं मार्गदर्शन किया गया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को मशरूम उत्पादन की उन्नत तकनीकों, देखभाल, विपणन एवं स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के समापन की औपचारिक घोषणा सेवार्थ विद्यार्थी के प्रांत प्रमुख एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. दिनेश जैसाली द्वारा की गई। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा, जिससे युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान की जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलता पूर्वक संपन्न हुआ, जिसने विद्यार्थियों को नई दिशा, कौशल और स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए।
