दीपावली की चमक-दमक के बीच स्थानीय व्यापारियों का फीका पड़ रही व्यापार। 

उत्तराखण्ड देहरादून/मसूरी

मसूरी। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। रंग-बिरंगी लाइटों, सजावटी सामान, मिठाइयों, कपड़ों और उपहारों से दुकानें सज चुकी हैं। शहर में हर तरफ त्योहार का उत्साह और खरीदारी की चमक दिखाई दे रही है। लेकिन इस चमक-दमक के बीच स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों की एक अलग ही चिंता सामने आ रही है जिसमें ऑनलाइन खरीददारी बाजार के लिए बड़ी चुनौती बना है।
व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन ने स्थानीय कारोबार को काफी प्रभावित किया है। पहले दीपावली के दिनों में दुकानों पर सुबह से शाम तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी और त्योहार के नजदीक आते ही बिक्री में तेजी देखने को मिलती थी। लेकिन अब परिस्थितियां बदलती नजर आ रही हैं। दिनभर दुकान खोलकर ग्राहकों का इंतजार करने के बावजूद उतनी बिक्री नहीं हो पा रही, जितनी ऑनलाइन बाजार के तेजी से बढ़ने से पहले हुआ करती थी। व्यापारियों के मुताबिक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले आकर्षक डिस्काउंट, घर बैठे खरीदारी की सुविधा और अलग-अलग ऑफर्स के चलते ग्राहक अब स्थानीय दुकानों के बजाय ऑनलाइन खरीदारी को प्राथमिकता देने लगे हैं। इसका सीधा असर छोटे दुकानदारों और स्थानीय कारोबारियों पर पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का यह भी कहना है कि दुकानदारों को दुकान का किराया, बिजली का बिल, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च लगातार उठाने पड़ते हैं, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई तरह की छूट उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में स्थानीय दुकानदारों के लिए प्रतिस्पर्धा करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। हालांकि, व्यापारियों को उम्मीद है कि दीपावली के अंतिम दिनों में बाजारों में खरीदारी बढ़ेगी और स्थानीय कारोबार को कुछ राहत मिलेगी। उनका मानना है कि त्योहारों की असली रौनक स्थानीय बाजारों और दुकानदारों से ही है। ऐसे में लोगों को स्थानीय दुकानों से खरीदारी कर छोटे व्यापारियों का सहयोग भी करना चाहिए। अब सवाल यह है कि दीपावली की इस चमक-दमक के बीच क्या स्थानीय बाजारों की रौनक और व्यापारियों की कमाई पहले जैसी लौट पाएगी, या ऑनलाइन बाजार की बढ़ती पकड़ छोटे कारोबारियों के सामने चुनौती बनी रहेगी। स्थानीय व्यापारी रवि गोयल का कहना है कि ऑन लाइन शापिंग से बाजार प्रभावित हुआ है, वहीं ग्राहक यातायात के बढते दबाव के कारण बाजार नहीं आ रहा व घर बैठकर शॉपिंग कर रहा है जबकि ऑन लाइन वस्तुए बाजार से अधिक मिलती है, व ग्राहक ऑन लाइन के चक्कर में पड़कर लुट रहा है न ही ऑन लाइन की क्वालिटी होती है। जबकि दुकानदार से खरीदे गये सामान की गारंटी होती है व कुछ परेशानी होने पर दुकानदार के पास आ सकता है। संदीप अग्रवाल ने कहा कि समस्त दुकानदार दीपावली का उत्सव की तरह इंतजार करते है व व्यापार बढेगा लेकिन जो परिवेश ऑन लाइन का चल रहा है उससे सभी दुकानदार प्रभावित है, दुकानदार खाली बैंठे है, उन्होंने आहवान किया कि लोकल दुकानों से सामान खरीदें वह हमेशा आपके साथ रहते है।