मसूरी में तंबाकू नियंत्रण व प्रतिबंधित तंबाकू को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। 

उत्तराखण्ड देहरादून/मसूरी

मसूरी। नगर पालिका सभागार में तंबाकू नियंत्रण व विक्रेता लाइसेंस व तंबाकू प्रतिबंध पर कार्यशाला का आयोजन जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ कार्यालय के माध्यम से की गयी जिसमें मसूरी में तंबाकू विक्रेताओं को लाइसेंस देने व चबाने वाले तंबाकू को प्रतिबंध किए जाने पर विस्तार से चर्चा की गयी।
पालिका सभागार में आयोजित बैठक में अवगत कराया गया कि मसूरी तंबाकू फ्री जोन है यँहा पर जो दुकानदार सिगरेट आदि बेचते है वह नगर पालिका से मानकों के दायरे में लाइसेंस लेकर की बेच सकेंगे वहीं चबाने वाले तंबाकू पर प्रदेश सरकार ने एक वर्ष का प्रतिबंध लगाया है उसका सख्ती से अनुपालन किए जाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी। बैठक में अवगत कराया गया कि सिगरेट आदि सांर्वजनिक स्थानों पर पीना प्रतिबंधित है वहीं होटलों में भी मानकों के अनुसार स्मोकिंग जोन बनाकर उपयोग किया जा सकता है। बताया गया कि खुले में तंबाकू पीने के लिए स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, नगर पालिका सहित 21 विभागों को चालान के लिए अधिकृत किया गया है। जिसमें दो सौ तक का चालान शमन के साथ किया जा सकता है वहीं स्कूलों के सौ मीटर के दायरे में कोई भी तंबाकू उत्पाद नहीं बेच सकता। बैठक की जानकारी देते हुए सीएमओं कार्यायल से आयी अर्चना उनियाल ने बताया कि कार्यशाला में तूंबाकू वितरण लाइसेंस अधिनियम को लागू करना है जो भी तंबाकू बेचता है उसके लिए नगर पालिका से लाइसेंस लेना जरूरी है जिसका प्रस्ताव पालिका से पास किया गया है। वहीं चबाने वाले तंबाकू उत्पाद बंद किए गये है। जो व्यापारी तंबाकू बेचते है उनके साथ बैठक की गयी है। इसके लिए अभियान चलाया जायेगा ताकि अधिनियम को सख्ती से लागू करवाया जायेगा। वहीं शिक्षण संस्थानों से भी अनुरोध किया गया है कि वे अपने विद्यालय के आस पास तंबाकू बेचने वालों पर कार्रवाई के लिए सूचित करें व सौ मीटर के दायरे में किसी भी विद्यालय के आसपास तंबाकू उत्पाद नहीं बेचे जा सकते। लेकिन इसके लिए सभी को सहयोग करना होगा ताकि उत्तराखंड तंबाकू मुक्त हो सके। इस मौके पर बालाजी सेवा संस्थान की ममता ने बताया कि उनकी संस्था लंबे समय से तंबाकू के खिलाफ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले भी नगर पालिका में बैठक हुई जिसमे ंसारे रूल रेगुलेशन पर चर्चा की गयी व उसी के आधार पर यह मल्टी स्टेक होल्डर कार्यशाला आयोजित की गयी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, नगर पालिका व पुलिस के प्रतिनिधि मौजूद रहे व बैठक में सहमति बनी कि तंबाकू विक्रेता लाइसेंस जरूरी है जिसे लेना जरूरी है जिसका शीघ्र गजट बनेगा व लागू होगा। मसूरी में भी इसे शीघ्र लागू किया जायेगा व पहली नगर पालिका मसूरी बनेगी। इस मौके पर नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर तंबाकू रूल व लाइसेंस पर चर्चा की गयी व बोर्ड में यह पहले ही पास किया गया वहीं प्रदेश सरकार ने चबाने वाले तंबाकू को प्रतिबंधित किया गया है व सिगरेट आदि के लिए पालिका ने नियमावली तैयार की गयी है व उसका गजट बना कर पूरी मसूरी में लागू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों में भी सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट पीना प्रतिबंधित है इसके लिए सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्य करेगे ताकि मसूरी तंबाकू निषेध क्षेत्र बन सके। वहीं पालिका के अधिकारी नियमावली बनाकर अमल में लाने का प्रयास करेंगे। बैठक में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, व्यापार संघ के अध्यक्ष रजत अग्रवाल, नागेंद्र उनियाल, पालिका सभासद जसबीर कौर, पवन थलवाल, अनिल गोयल, उपजिला चिकित्सालय से प्रशासनिक अधिकारी डा. आशीष सवाय सहित शिक्षा, पुलिस व पालिका के अधिकारी मौजूद रहे।