आवास सचिव ने मसूरी रोपवे परियोजना के चयनित स्थलों का निरीक्षण किया। 

उत्तराखंड देहरादून/मसूरी

मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी को जाम से निजात दिलाने के लिए आगामी समय में मसूरी आने वाले पर्यटकों के लिए रोपवे बनाने की कवायद में तेजी लायी जा रही है। इस संबंध में प्रदेश के आवास सचिव डा. आर राजेश कुमार ने एसडीएम मसूरी, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी व यूकेएमआरसी के अधिकारियों के साथ मसूरी के विभिन्न चयनित क्षेत्रों का निरीक्षण किया ताकि इस दिशा में शीघ्र कार्य शुरू किया जा सके।
मसूरी पहुंचे आवास सचिव डा. आर राजेश कुमार ने गढवाल टैरेस पहुंच कर पहले किंक्रेग से चिक चाकलेट रोपवे के लिए गढवाल टैरेस पर निरीक्षण किया जिसमें अवगत कराया गया कि किंक्रेग मल्टीलेबल पार्किग से गढवाल टैरेस का स्थान बजाय चिक चाकलेट से अधिक उपयुक्त है, यहां पर खुली जगह है वहीं यह भूमि जीएमवीएन की है जबकि चिक चाकलेट वाला स्थान संकरा व भीड़ भाड़ वाला है वहीं यहां पर प्राइवेट संपत्ति है। इसके पश्चात सचिव आवास ने कैमल बैक रोड स्थित ईएसआई अस्पताल का निरीक्षण किया जहां से जार्ज एवरेस्ट, व लाल टिब्बा के लिए रोपवे बनाने के लिए स्थान चयनित किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने लाल टिब्बा चयनित रोपवे स्थल नाहटा स्टेट व मल्टी लेबल पार्किग से चार दुकान, हाईलैंड से अटल उद्यान कंपनी बाग, जार्ज एवरेस्ट से भद्राज, व भनोट स्टेट कैमल बैक से केंपटी फॉल रोपवे का भी निरीक्षण किया। इस संबंध में सचिव आवास डा. आर राजेश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मसूरी में यूके मेट्रो कारपोरेशन के माध्यम से बनायी जाने वाली रोपवे योजना का सर्वे करने व निरीक्षण करने आये है वहीं इस संबंध में स्टेक होल्डर से भी बात की जायेगी। रोपवे का एलाइमेंट चेक करने के लिए आये है वहीं पूर्व में भी सर्वे किया जा चुका है उन्होंने कहा कि सभी रोपवे की लंबाई 11.7 किमी का है। अभी किंक्रेग पार्किग से जीएमवीएन को रोपवे से जोड़ने के साथ ही लाइब्रेरी चौक, जार्ज एवरेस्ट, लाल टिब्बा, कैमलबैक रोड, व कैंपटी फॉल है यह मुख्य पडाव होगें जिन्हें जोड़ा जायेगा। वहीं चिक चाकलेट वाले स्थान का भी निरीक्षण कर जो ठीक होगा वह किया जायेगा। उन्होंने कहाकि आवास विभाग को पूरे प्रदेश के पार्किग विकसित करने का कार्य दिया गया है, जिसमें 54 जगह स्थान पूरे प्रदेश में चयनित किए गये है, उसमें 25 से भी अधिक क्षेत्र में पार्किग विकसित की गयी है वहीं अन्य क्षेत्र भी है जहा पार्किग विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्किग विकसित कर जनता को सुविधा देने के लिए आवास विभाग तत्पर है। उन्होंने कहा कि आवास विभाग की पार्किग पॉलिसी में सभी प्रकार के मॉडलों पर कार्य किया जा रहा है जिसमें सरकारी, प्राइवेट भूमि व पीपीपी मोड है, सभी के लिए प्रोवजिनिंग की गयी है व यथा स्थिति को देखते हुए कार्य किए जाते है। लेकिन पार्किग पॉलिसी में सभी फेक्टर्स को जोड़ने का प्रयास है। पार्किग को रेगुलेट करने के लिए निर्माण व पर्यावरण के बीच तालमेल बनाकर कार्य किया जायेगा। वहीं भारत सरकार के नियमों का पालन करते है जिसमें टाउन प्लानिंग व मास्टर प्लानिंग में भारत सरकार की गाइड लाइन का पालन किया जाता है जिसमें हाउंसिग व ग्रीन लैंड का विशेष ध्यान रखा जाता है, जिसमें करीब ग्रीन एरिया दस प्रतिशत रखा जाता है, वहीं व्यावसायिक व आवासीय एरिया कितना होना चाहिए इसके मानकों का पूरा ध्यान रखा जाता है अगर किसी ने मानकों को पूरा नहीं किया तो कठोर से कठोर कार्रवाई एमडीडीए या नगर पालिका के माध्यम से करवायी जाती है। इस मौके पर एसडीएम राहुल आनंद, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, मसूरी वन प्रभाग के प्रभारी अधिकारी महेंद्र सिंह चौहान सहित यूकेमेेट्रो कारपोरेशन के अधिकारी भी मौजूद रहे।