ग्रामोत्थान परियोजना के तहत साईड एमेनिटीज के निर्माण का शिलान्यास पर नगर पालिका सभासदों को विरोध

उत्तराखंड देहरादून/मसूरी

मसूरी। भटटा गांव में ग्रामोत्थान परियोजना के तहत साईड एमेनिटीज का निर्माण का शिलान्यास पर नगर पालिका सभासदों को विरोध देखने को नजर आया जिसमें कहा गया कि जब प्रस्ताव बोर्ड बैठक में निरस्त कर दिया गया था तो यह कैसे बन रहा है वहीं सभासदों का विरोध इस बात को लेकर भी था कि अगर बन ही रहा था तो उसमें नगर पालिका के स्थानीय सभासद सहित अन्य का नाम शिलापटट पर अंकित नहीं किया गया न ही उन्हें इस कार्यक्रम की कोई सूचना दी गयी।
इस संबंध में पालिका सभासद पवन थलवाल ने कहा कि जब इस प्रस्ताव को पालिका बैठक में निरस्त कर दिया गया था तो यह कैसे बन रहा है, न हीं स्थानीय सभासद का शिलापटट पर नाम नहीं है। जबकि जमीन नगर पालिका की है तो इसमें मसूरी के महिला समूहों को भी इसमें जोड़ा जाना चाहिए था। यह पालिका के सभासदों के अधिकारों का हनन है, इसमें गलती किसकी है यह उन्हें तय करना है। सभासद अमित भटट ने कहा कि यह कार्यक्रम रोजगार परक है, लेकिन इसमें आपत्ति यह है कि जो हमारे क्षेत्र में कार्य हो रहा है उसकी जानकारी सभासदों को पता होना चाहिए व क्षेत्र के सभासद का नाम होना चाहिए जबकि यह प्रस्ताव बोर्ड में निरस्त हो गया था। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में पर्याप्त जमीनें है पालिका की जमीन की जरूरत नहीं थी। पालिका की जमीन मसूरी के वेंडरों या अन्य विकास कार्यों के लिए उपयोग की जानी चाहिए। इस संबंध में पालिकाध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी से इस संबंध में वार्ता करेंगे। क्षेत्रीय सभासद शिवानी भारती ने कहा कि अगस्त माह में इस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया था पर अब दुबारा कैसे पास हो गया इसकी जानकारी नहीं है उन्होंने कहाकि पालिकाध्यक्ष का हम पूरा सहयोग करते है उन्हें दरकिनार किया जा रहा है जिसके क्षेत्र में कार्य हो रहा है उन्हें अवगत नहीं कराया गया, जब एक फोन में बैठक हो सकती है तो इसमें सभासदों का विश्वास में नही लिया गया व उनको साइड लाइन किया जा रहा है वहीं सीआरएस के माध्यम से सोलर लाइट लगायी गयी उसमें भी जानकारी नहीं दी गयी व रोकने को कहने पर भी नहीं रोका गया जिसका पूरा विरोध करती हूं। विकास कार्यों में कोई विरोध नहीं है, लेकिन भेदभाव नहीं होना चाहिए। सभासद सचिन गुहेर ने कहा कि योजना लाना अच्छी बात है विकास होना चाहिए लेकिन जो प्रस्ताव पहले ही निरस्त कर दिया गया तो तो कैसे यह कार्य हो रहा है अगर सभासदों की कोई गरिमा नहीं है उन्हें इस तरह दर किनार किया जायेगा व ऐसे ही कार्य करने है तो सभासदों से स्तीफा ले लें, बोर्ड को भंग कर दें व शासन प्रशासन कार्य करे हमें कोई परेशानी नहीं है हमें जनता ने चुना है, कार्य करने के लिए भेजा है तो जनहित के  कार्य करेंगे, जो बोर्ड में पास नहीं होगा उसे अगर शासन प्रशासन से करायेंगे तो यह पालिका की अवहेलना है व सभासदों का मानसम्मान को ठेस पहुंचाता है, पालिका के जिस क्षेत्र में कोई भी कार्य होता है उसमें उस क्षेत्र के सभासद का नाम होता है अगर मान सम्मान नहीं मिलेगा व सभासदों का मनोबल गिराया जायेगा तो विरोध दर्ज करना पडेगा। साजिक कार्यकर्ता व सभासद रूचिता गुप्ता के पति पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गौरव गुप्ता ने कहा कि बोर्ड बैठक की प्रस्ताव संख्या 189 में निरस्त कर दिया गया था अब यह कार्य केसे हुआ यह समय से परे है और इसमें न ही सभासदों का नाम है जो प्रोटोकोल में होता है। यह घटना दुखद है कि उसमें वार्ड सदस्य तक का नाम नहीं है। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि एक साल के जददोजहद के बाद इसका शिलान्यास किया गया। विभाग ने बताया कि नौ माह में भव्य सेंटर बनेगा जिसमें यहां की महिलाएं स्वयं सहायता समूह के माध्यम से जो प्रोडक्ट बनायेगी इस सेंटर के माध्यम से मार्केटिंग की जायेगी व साथ ही इसमें एक पार्किंग भी बनायी जायेगा। यह महिलाओं की आजीविका को बढाने का सफल प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि इसं संबंध में मंत्री गणेश जोशी, व विभाग के साथ पालिका सभासदों की बैठक हुई थी व उन्हें समझाया गया कि इसका उपयोग किसी निजी कार्य के लिए नहीं होना है, व सबके समझ में आने के बाद ही इस कार्य को किया गया। उन्हांने कहा कि सामूहिक रूप से इसका उपयोग होगा चाहे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं ही न हो यह मसूरी से लगा क्षेत्र है। पालिका की जमीन पर लोग कब्जा कर रहे है ऐसे में अगर थोडी जमीन दे दी जिसका सामूहिक उपयोग हो रहा है। उन्होंने पालिका सभासदों की नाराजगी पर कहा कि क्षेत्रीय सभासद का इसमें नाम होना चाहिए था जो विभाग की गलती है उस बात को स्वीकार करती है।