चौक चौराहों के बाद अब मालरोड़ बना दुपहिया वाहनों की अवैध पार्किंग। 

उत्तराखण्ड देहरादून/मसूरी
मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी की अधिकांश सड़कें अवैध पार्किंग का पर्याय बन गयी है, मसूरी के किसी भी मार्ग पर चले जायं तो विशेषकर टैक्सी, चार पहिया वाहन और रेंटल दुपहिया वाहनों के कारण आम लोगों सहित पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार संभागीय परिवहन विभाग, पुलिस व नगर पालिका ने अभियान चलाया लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं है।
शहर की संड़कें तो पहले ही अवैध पार्किगें बन चुकी हैं लेकिन अब तो मालरोड़ में दुपहिया वाहनों की अवैध पार्किंग बनना अत्यंत शोचनीय व चिंता का कारण बनती जा रही है। स्थानीय पालिका प्रशासन के साथ में नगर प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने इस ओर आंखें ही मूंद रखी है। दुपहिया वाहनों को मालरोड़ पर खड़ा करने से सबसे ज्यादा लाइब्रेरी बाजार, कुलड़ी बाजार, व लंढौर बाजार प्रभावित है, मालरोड़ बैरियर से लेकर रिट्ज सिनेमा तक सड़क पर बेहिसाब दुपहिया वाहन खड़े कर दिए गये हैं, यही हाल पिक्चर पैलेस से ग्रीन चौक, रियाल्टो तक व लंढौर में घंटाघर से लेकर गुरूद्वारा चौक तक अवैध पार्किग बन गयी है। लाइब्रेरी मालरोड पर जो स्थान साइकिल रिक्शां के लिए आरक्षित रहे हैं वहां पर दुपहिया वाहन खड़े करने का असर रिक्शों की पार्किंग पर भी पड़ा है और रिक्शा वाले खड़े किए दुपहिया वाहनों के आगे अपने रिक्शे खड़ा करने को मजबूर हैं जिससे सुबह सात बजे से ही लाइब्रेरी बाजार में जाम लगना शुरू हो जाता है। यही हाल गांधी चौक स्थित लाइब्रेरी बिल्डिंग के सामने टैक्सी वाहनों व दुपहिया वाहनों की अवैध पार्किंग से पैदा होती है। मोतीलाल नेहरू मार्ग पर सड़क के दोनों ओर रैंटल स्कूटी पार्क करना भी जी का जंजाल बना हुआ है। सरकुलर रोड़ व स्प्रिंग रोड़ पर चार पहिया टैक्सी वाहन पार्क करने से ड़ेढ किमी दूरी तय करने में लोगों को एक घंटे से अधिक समय लग जाता है तब जाकर वह रात को अपने घर पहुंच पाते हैं। लेकिन प्रशासन का ध्याान इस ओर नहीं रहता व उनकी लापरवाही के कारण ये पार्किग दिन प्रतिदिन बढ रही है, जिसका खामियाजा शहर वासियों व पर्यटकों को भुगतना पडता है। यहीं हाल पिक्चर पैलेस से ग्रीनचौक व रियाल्टो तक है व रोड किनारे खड़ी की जा रही अवैघ स्कूटी पार्किग से हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है, वहीं लंढौर बाजार में घंटाघर से लेकर गुरू,द्वारा चौक तक भी यही स्थिति नजर आती है आखिर पुलिस प्रशासन व पालिका प्रशासन के साथ ही संभागीय परिवहन विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित नहीं हो पा रहा है जिस कारण परेशानी लोगों को हो रही है इस दिशा में गंभीर चिंतन व मंथन कर समाधान करने की जरूरत है।