वीकएंड व अवकाश के चलते पर्यटकों के आने से लगा जाम, जनता परेशान।

उत्तराखण्ड देहरादून/मसूरी
मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में वीक एंड व दशहरा अवकाश होने के कारण बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से पूरा शहर जाम से जूझता रहा। इस बार तो अन्य मार्गों के साथ ही पूरी मालरोड पर लाइब्रेरी से पिक्चर पैलेस तक जाम लगने से पर्यटक व स्थानीय लोग खासे परेशान नजर आये। जिसके कारण लोगों में प्रशासन व पुलिस व्यवस्था पर आक्रोश व्यक्त करते देखा गया। लंढौर का जाम तो नासूर बन गया है जिसके कारण स्थानीय व्यवसायी, स्कूली बच्चों व आम जनता को हर दिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सीजन भले ही समाप्त हो गया हो लेकिन मसूरी को जाम से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। इस बार भी वीक एंड व दशहरे के अवकाश पर पर्यटकों की संख्या बढते ही गांधी चौक से पिक्चर पैलेस तक जाम लगता रहा व लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मसूरी के मोती लाल नेहरू मार्ग, लंढौर लाल टिब्बा मार्ग, घंटाघर, गांधी चौक पर तो सुबह से ही जाम लग जाने के कारण कई बच्चे समय से स्कूल नहीं पहुंच पाये। हालात इतने खराब रहे कि पैदल चलने वालों को भी रास्ता नहीं मिला। जिसके कारण लोगों का आक्रोश प्रशासन व पुलिस व्यवस्था के खिलाफ साफ देखा गया। मेरठ से आये पर्यटक राम कुमार ने कहा कि वह राम नवमी व दशहरे की छुटटी मनाने मसूरी आये कि यहां पर शांति से एक दिन बितायेंगे लेकिन यहां जाम ने उनका सारा समय बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि पूरी मालरोड पर कहीं भी कोई पुलिस कर्मी नजर नहीं आया बल्कि लोग खुद जाम खुलवाते देखे गये। आखिर मसूरी की पुलिस कहां है, उनकी अव्यवस्था के कारण हमारा समय जाम में ही चला गया। चंडीगढ से आये पर्यटक हरप्रीत सिंह ने कहा कि मसूरी की सुंदरता व यहां के मौसम के कारण वह मसूरी आते है लेकिन अब दिन प्रतिदिन यहां की व्यवस्था खराब हो रही है व लोगों का पूरा दिन जाम से जूझने में ही लग जाता है ऐसे में उनका आना बेकार हो गया। सोचा था यहां की वादियों का आंनंद लेगे व शांति से रहेगे लेकिन पूरा दिन तो जाम में लग गया कहीं जा भी नहीं सके व रात को होटल में सोयेंगे व सुबह चले जायेगे। इस बार तो यंहा आना बेकार हो गया यहां कहीं भी पुलिस नजर नहीं आती। उन्होंने प्रशासन पर भी आक्रोश व्यक्त किया व कहा कि जब प्रशासन को पता होता है कि मसूरी में पर्यटक आते है तो उन्हें उसके हिसाब से व्यवस्था करनी चाहिए ताकि पर्यटकों को परेशानी न हो व उन्हें आराम से यँहा घूमने का अवसर मिले लेकिन यँहा तो रोड पर वाहन व स्कूटियां खड़ी है कोई देखने वाला नहीं जिस कारण जाम लगता है। इसी के साथ ही लंढौर मार्ग, सिविल अस्पताल मार्ग, मोती लाल नेहरू मार्ग, अकादमी मार्ग सभी मार्गों पर दिन भर जाम से लोगों को जूझना पड़ा। प्रशासन को लंढौर बाजार क्षेत्र में दुपहिया वाहनों पर भी एक मार्गीय यातायात व्यवस्था लागू करनी चाहिए ताकि बाजार क्षेत्र में जाम न लगे। सबसे बड़ी संमस्या लंढौर बाजार व मलिंगार क्षेत्र की है जहां रात खुलते ही जाम लग जाता है व रात तक यहीं स्थिति नजर आती है, पुलिस भी रहती है लेकिन वह भी क्या करे जब वाहन दोनों ओर से आ जाते है व बीच में स्कूटी वाले घुस जाते है। मलिंगार की चढाई पर तो हालात इतने खराब होते है कि पैदल चलने वालों को भी रास्ता नहीं मिलता व उन्हें भी जाम के बीच फंसा रहना पड़ता है। हर वीक एंड पर पुलिस प्लान बनाती है लेकिन एक भी प्लान सफल नहीं हो पाता इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।