होटल पैराडाइज मेंशन में कर्मचारियों का हल्लाबोल, विभिन्न मांगों को लेकर दे रहे धरना।

उत्तराखण्ड देहरादून/मसूरी

 

मसूरी। लाइब्रेरी स्थित होटल पैराडाइज मेंशन में कर्मचारियों का धरना लगातार जारी है। 13 अक्टूबर से शुरू हुआ आंदोलन 20 अक्टूबर तक भी नहीं सुलझ पाया है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें बोनस, पीएफ और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। इतना ही नहीं, अपने हक की मांग करने पर होटल की मालकिन की ओर से बाउंसर बुलाकर डराने-धमकाने का आरोप भी कर्मचारियों ने लगाया है।

 


कर्मचारियों के समर्थन में होटल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष समेत शहर के कई लोग सामने आए हैं। वहीं, कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। होटल पैराडाइज मेनशन का मामला तब और अधिक तूल  पकड़ गया जब होटल स्वामी द्वारा बिना कर्मचारियों को जानकारी दिए हुए होटल को लीज पर दे दिया गया इसके बाद होटल के मुख्य गेट और किचन सहित कर्मचारियों के कमरों पर ताला जड़ दिया गया और  होटल स्वामी द्वारा कर्मचारियों का वेतन और अन्य भत्ता भी नहीं दिया गया इसके साथ ही बाहर से बाउंसर लाकर कर्मचारियों को डराने धमकाने का भी प्रयास किया गया इसके बाद शहर के विभिन्न मजदूर संगठनों द्वारा इसका विरोध शुरू कर दिया गया है वहीं शहर के कई गणमान्य लोगों ने भी होटल कर्मचारियों के पक्ष में आना शुरू कर दिया गया है और उन्हें समर्थन देकर उनकी जायज मांगों को पूरा करने को लेकर होटल स्वामी से वार्ता करने की बात भी की जा रही है बताया जा रहा है कि होटल स्वामी के मसूरी में तीन होटल स्थित है जहां पर लगातार कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। मौके पर पहुंची नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि होटल स्वामी को होटल लीज पर देने से पहले कर्मचारियों का वेतन और अन्य सुविधाएं दी जानी चाहिए थी लेकिन बिना होटल कर्मचारियों की जानकारी के होटल को लीज पर दे दिया गया और उनका वेतन फंड बोनस आदि नहीं दिया गया है जिस पर 25 परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा कि मसूरी में स्थानीय निवासियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जब तक कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता है उनका समर्थन जारी रहेगा। मजदूर नेता आरपी बडोनी ने कहा कि पिछले 13 अक्टूबर से कर्मचारी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं होटल स्वामी द्वारा 18 तारीख को होटल को लीज पर दिया जाता है और कुछ लोगों द्वारा होटल पर तालाबंदी की जाती है जबकि श्रम कानून में साफ उल्लेख है कि जब तक होटल दिवालिया घोषित नहीं हो जाता है उसे पर तालाबंदी नहीं की जा सकती है इसके लिए श्रम विभाग से अनुमति देना आवश्यक है लेकिन होटल स्वामी द्वारा सारे नियम कानून को ताक पर रखकर कर्मचारियों का उत्पीड़न  किया जा रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। होटल कर्मचारी रवि नेगी ने बताया कि यहां पर 25 कर्मचारी को होटल स्वामी द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है और बाउंसर लाकर डराने का भी प्रयास किया जा रहा है जबकि कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं उन्होंने बताया कि विगत रात्रि होटल स्वामी से वार्ता भी की गई थी लेकिन वार्ता विफल हो गई होटल स्वामी द्वारा उन्हें कानून का डर दिखाया जा रहा है जबकि उनके द्वारा श्रम विभाग में भी इसकी शिकायत की गई है।