केदारघाटी में सियासत गरमाई, दुग्गल बिट्टा निरीक्षण भवन पर बांधा रक्षा सूत्र, लीज पर देने का जोरदार विरोध

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सरकारी भवनों को लीज पर देने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस का गुस्सा फूट पड़ा. दुग्गल बिट्टा भवन को बचाने के लिए रक्षा सूत्र बांधा.

रुद्रप्रयाग: अंग्रेजों के बसाए दुग्गल बिट्टा-चोपता को कांग्रेस ने सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में आंदोलन का बिगुल फूंक दिया. तुंगनाथ घाटी के स्थानीय लोगों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता दुग्गल बिट्टा स्थित लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन पहुंचे. यहां भवन पर रक्षा सूत्र बांधकर इसकी रक्षा का संकल्प लिया गया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकारी भूमि और भवनों को बाहरी समूहों को दीर्घ अवधि की लीज पर सौंपने की किसी भी प्रक्रिया का पुरजोर विरोध किया जाएगा.

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, सरकार रुद्रप्रयाग जिले के दुग्गल बिट्टा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित तीन निरीक्षण भवनों को बड़े बाहरी समूहों को पांच सितारा होटल निर्माण के लिए 90 वर्ष तक की लीज पर देने की प्रक्रिया में है. कांग्रेस ने इसी के विरोध में दुग्गल बिट्टा से आंदोलन की शुरुआत की है. कार्यकर्ताओं ने कहा कि पर्यटन विकास के नाम पर सरकारी संपत्तियों को निजी समूहों को सौंपना स्थानीय हितों से जुड़ा गंभीर विषय है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि निरीक्षण भवन और उनसे जुड़ी भूमि राज्य की सार्वजनिक संपत्ति है. क्षेत्र की बहुमूल्य भूमि और प्राकृतिक संसाधनों पर पहला अधिकार स्थानीय हितों का होना चाहिए.

उन्होंने मांग की कि पर्यटन परियोजनाओं के नाम पर सरकारी जमीन लंबी अवधि की लीज पर देने से पहले स्थानीय लोगों की राय ली जाए और उनके हितों को प्राथमिकता दी जाए. स्थानीय युवाओं को रोजगार तथा क्षेत्रवासियों को पर्यटन से आर्थिक लाभ दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई.पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में देने के खिलाफ जनभावनाओं को संगठित किया जाएगा.

कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी ने कहा कि सरकार को स्थानीय लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लीज प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से जिले के अन्य क्षेत्रों तक विस्तार दिया जाएगा.कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दुग्गल बिट्टा से शुरू हुआ यह आंदोलन फाटा और गुप्तकाशी के निरीक्षण भवनों को लेकर भी जारी रहेगा. इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा, अंकुर रौथान, हरीश गुसाईं समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे.