हिमंवत कवि की चंद्रकुँवर बर्त्वाल की 80 पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। 

उत्तराखण्ड देहरादून/मसूरी
मसूरी। हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल की 80वीं पुण्य तिथि पर चंद्रकुंवर शोध संस्थान मसूरी व द हिल्स ऑफ मसूरी ने मालरोड पर उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी सहित विभिन्न सामाजिक, राजनैतिक दलों व साहित्य प्रेमियों ने माल्यार्पण कर चंद्रकुंवर बर्त्वाल को श्रद्धांजलि दी व उनके साहित्य संसार व रचनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस मौके पर चंद्र कुंवर बर्त्वाल शोध संस्थान मसूरी के अध्यक्ष शूरवीर भंडारी ने कहा कि प्रकृति के चितेरे कवि चंद्र कुंवर बर्त्वाल की 80वीं पुण्य तिथि मना रहे है व 1994 से लगातार आज तक लगातार संगोष्ठिया, प्रतियोगिताएं करवायी जिसमें उनके उपलब्ध साहित्य पर चर्चा की गयी। उन्होंने बहुत कम उम्र में हिंदी साहित्य की बडी सेवा की, मात्र 28 साल की उम्र में उनका देहांत हो गया था। उनके सांहित्य का संरक्षण करने के लिए शोध संस्थान के माध्यम व द हिल्स के सहयोग से संजोने का प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि बर्त्वाल के कविता संसार पर उसका विश्लेषणात्मक अध्ययन, हिंदी साहित्य में छायावाद, हिंदी साहित्य में चद्र कुवंर का स्थान पर ग्रंथ की रचना की जा रही है, उन्हें क्यों हिंदी व उत्तराखंड का कालिदास व पश्चिम में अंग्रेजी का कीटस कहा जाता है उस पर बहुत सारे आलेख आने वाले है जो शीघ्र आयेगा जिस पर कार्य जारी है। इस मौके पर मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने सभी को हिंदी दिवस की बधाई दी व कहा कि चंद्रकुँवर बर्त्वाल ने कम समय में संसाधनों की कमी के बाद भी हिंदी साहित्य को जो दिया वह कल्पनीय है जो युवा पीढी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि आज हिंदी दिवस है जो हमारी राजभाषा है उसके प्रति लोगों को आगे आना चाहिए ताकि हिंदी को वो सम्मान मिल सके जिसकी अपेक्षा है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी को प्रयास करने होंगे व हिंदी के प्रति अपनी सोच को बदलना होगा। इस मौके पर उन्होंने यह भी कहाकि मालरोड पर चंद्रकुंवर बर्त्वाल की प्रतिमा सौंदर्यीकरण व वाचनालय का निर्माण किया जायेगा। इस मौके पर संस्थान के सचिव नरेंद्र पडियार, पूर्व पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता, हिमालयन साहसिक संस्थान के निदेशक एसपी चमोली, सभासद जसबीर कौर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, सभासद पंकज खत्री, नीरज अग्रवाल देवी गोदियाल, गंभीर पंवार, तनमीत खालसा, नरेश मल्ल, गौरव गुप्ता, वीरेंद्र कैतुरा, आदि मौजूद रहे।