मसूरी। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच मसूरी ने एक बैठक शहीद स्थल पर आयोजित की जिसमें दो सितंबर मसूरी राज्य आंदोलन शहीद दिवस मनाने पर बैठक बुलाई गयी जिसमें प्रशासन की ओर से आंदोलनकारियों ने बुलाये जाने पर आक्रोश व्यक्त किया गया। वहीं बैठक में आगामी 30 व 31 अगस्त को देहरादून में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय राज्य आंदोलनकारी सम्मेलन में प्रतिभाग करने पर विचार विमर्श किया गया व बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों को सम्मेलन में जाने का आहवान किया गया।
बैठक में शासन प्रशासन सहित अन्य कार्यक्रमों में राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा किए जाने पर आका्रेश व्यक्त किया व कहा गया कि जिन आंदोलनकारियों ने राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाई उन्हें बैठक व सरकारी कार्यक्रमों में न बुलाया जाना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि एसडीएम ने एक बैठक दो सिंतबर के कार्यक्रम के लिए बुलाई है जिसमें कार्यक्रम तय किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री दो बार दो सितंबर को मसूरी आ चुके हैं व दोनों बार शहीद स्थल पर टिन शैड लगाने व म्यूजियम बनाने की घोषणा की लेकिन नहीं बनी व तीसरी बार फिर मुख्यमंत्री आ रहे है व उनसे उनकी घोषणा की प्रगति के बारे में पूछा जायेगा, आश्चर्य की बात है कि सरकार भी वहीं है व मुख्यमंत्री भी वहीं हैं, लेकिन उनकी घोषणा पर आज तक अमल नहीं हो पाया। अगर केवल घोषणाएं ही होनी है तो ऐसे में आंदोलनकारियों को भला होने वाला नहीं है। वहीं उन्होंने 30 व 31 अगस्त को देहरादून में होने वाले प्रदेश स्तरीय राज्य अंादोलनकारी सम्मेलन किया जा रहा है जिसमें अधिक से अधिक आंदोलनकारियों को सम्मेलन में जाने का आहवान किया गया। राज्य आंदोलनकारी अनिल गोदियाल ने कहा कि एसडीएम ने दो सिंतबर की बैठक मंे आदोलनकारियों को नहीं बुलाया जिससे आंदोलनकारियों में नाराजगी है, उनका कहना है कि जिन्होंने राज्य के लिए शहादत दी, पुलिस का उत्पीडन सहा, लाठी डंडे खाये व अपनो को खोया उनको भी सुना जाना चाहिए, जबकि सरकार भी संवेदनशील है। हालंाकि एसडीएम ने दूसरी बैठक बुलाई है जिसमें आंदोलनकारियों को बुलाया है। वहीं उन्होंने देहरादून में होने वाले सम्मेलन में भी आंदोलनकारियों की उपेक्षा के बारे में बात रखी जायेगी, वहीं शहीद स्थल पर शेड न डाले जाने व म्युजियम न बनाये जाने पर आंदोलनकारियों में नाराजगी है जिसे मुख्यमंत्री के सामन उठाया जायेगा। बैठक में मंच के अध्यक्ष देवी गोदियाल, महामंत्री नरेंद्र पडियार, प्रदीप भंडारी, दिनेश पंवार, आरपी बडोनी, प्रेमचंद गोयल, एजाज अहमद, भगवान सिंह रावत, अनिल गोयल, श्याम सिंह चौहान, अनिल गोदियाल आदि मौजूद रहे।