नगर पालिका गत बोर्ड की अनियमितताओं की जांच निदेशालय की टीम ने शुरू की। 

उत्तराखण्ड देहरादून/मसूरी

मसूरी। नगर पालिका परिषद में नगर विकास विभाग की टीम ने आकर पिछली बोर्ड में की गयी वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू कर दी। जिससे पालिका प्रशासन में हड़कंप मच गया। शहरी विकास विभाग से वरिष्ठ वित्तीय अधिकारी परवीन कौर के नेतृत्व में जांच टीम ने आकर पालिका के वित्तीय दस्तावेज खंगाले।
नगर पालिका परिषद मसूरी में शहरी विकास विभाग से वरिष्ठ वित्तीय अधिकारी परवीन कौर के नेतृत्व में जांच टीम ने गत बोर्ड के द्वारा किए गये वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जिसमें प्रमुख रूप से लंबे समय पर दी गयी लीज शामिल है। वरिष्ठ वित्तीय अधिकारी परवीन कौर ने कहा कि पूर्व में जो जांच हुई उस में वह उसका हिस्सा नहीं थी, वहीं अन्य सदस्य भी अन्य विभागों में स्थानांतरण हो गया है। उस कमेटी की रिपोर्ट में कुछ बिंदु छूट गये थे जिनकी जांच करने के लिए टीम यहंा आयी है। शासन ने 15 दिनों का समय दिया गया है जिसमें रिपोर्ट शासन को प्रेषित करनी है। इसमें मुख्यरूप से इसमें कितनी वित्तीय अनियमितता की गयी है कतसें डाक्युूमेंट एकत्र किए जा रहे है जो कागज इसमंे नहीं लगाये गये थे। इस मौके पर नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने कहा कि इसमें पूर्व में पालिका की संपत्ति लंबी अवधि के लिए लीज पर दी गयी थी, उनकी जांच शासन स्तर पर की गयी थी जिसमें शासन ने कुछ सूचना मांगी गयी थी लेकिन फाइल अधिक वोल्यूम में होने के कारण वर्तमान में शहरी विकास की टीम नगर पालिका में जांच करने आयी है जिसमें पालिका की ओर से पूरा सहयोग दिया जा रहा है। पूर्व में जो जांच की गयी थी जिसके कुछ तकनीकि बिंदुओं पर शासन ने सूचना मांगी गयी है उसी को आधार मान कर बिंदुवार सूचना शासन को प्रेषित की जायेगी। पूर्व की जांच की रिपोर्ट ही मौजूद है उसी रिपोर्ट के क्रम में जो चीजें छूट गयी थी उसके आधार पर ही कार्रवाई की जा रही है।
बाक्स-पूर्प पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि जिनके घर शीशे के होते है उन्हें दूसरों के घर पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए। मसूरी के विधायक व मंत्री गणेश जोशी एक नही किसी भी एजेंसी से जांच करा लें उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया न ही वह डरने वाले नहीं है जो भी कार्य किए गये शासन स्तर की सहमति से किए गये। लेकिन मंत्री गणेश जोशी खुद आय से अधिक संपत्ति, सैन्यधाम घोटाला, उद्यान घोटाला, वाटर पंपिग घोटाला सहित कई घोटाले किए वह पहले अपने पद से स्तीफा दे तब जांच कराये। वह डर गये है व जांच टीम से जांच करा कर डराने का प्रयास कर रहे है, उनके भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरी आवाज को दबाया नहीं जा सकता