मसूरी इंटर नेशनल स्कूल स्थापना दिवस पर छात्राओं की गुरु-शिष्य परंपरा ने मन मोहा। 

उत्तराखण्ड देहरादून/मसूरी

मसूरी। मसूरी इंटरनेशनल स्कूल का 43वां वार्षिक दिवस एवं स्थापना दिवस भव्य एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। पूरे दिन विद्यालय परिसर सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और शैक्षणिक गतिविधियों से सराबोर रहा। समारोह में छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल वैदिक हवन से हुई, जिसमें विद्यालय की पुरातन छात्राओं, विद्यालय में अध्ययनरथ छात्राओं शिक्षकों एवं अभिभावकों ने विश्व शांति, समृद्धि और मानव कल्याण की कामना की।
सायंकाल मुख्य समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रख्यात शिक्षाविद् शांतनु प्रकाश एवम उनके पिता जगदीश प्रकाश तथा विशिष्ट अतिथि मोहित ढांग एवं तन्मय वशिष्ठ ट्रस्टी, श्री गंगा सभा, हरिद्वार ने दीप प्रज्वलित कर किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या शालू बब्बर ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वार्षिक दिवस जैसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाने का प्रभावी माध्यम हैं। इस वर्ष के समारोह का मुख्य आकर्षण गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित नृत्य-नाटिका गुरू दक्षिणा रही जिसमें छात्राओं ने एकलव्य और गुरु द्रोणाचार्य के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रभावशाली अभिनय, मनोहारी नृत्य और सशक्त संवादों ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों को भाव-विभोर कर दिया। प्रस्तुति समाप्त होते ही सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। इसके बाद प्रस्तुत ब्रह्मांडीय नाद ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम ने भारतीय और पाश्चात्य वाद्ययंत्रों के अद्भुत संगम की झलक प्रस्तुत की। विद्यालय की छात्राओं ने विभिन्न वाद्ययंत्रों का उत्कृष्ट वादन और गुरु वंदना के मंत्रों का सामूहिक गायन कर पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। छात्राओं की लय, अनुशासन और कलात्मक प्रस्तुति ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर प्रधानाचार्या शालू बब्बर ने सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक, खेल, सांस्कृतिक तथा अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मसूरी इंटरनेशनल स्कूल अपनी अंतरसांस्कृतिक सोच, नैतिक मूल्यों और विश्वस्तरीय शिक्षा के लिए जाना जाता है। विद्यालय का उद्देश्य छात्राओं को ज्ञान, संस्कार, नेतृत्व और मानवीय मूल्यों से समृद्ध कर जिम्मेदार वैश्विक नागरिक बनाना है। मुख्य अतिथि प्रख्यात शिक्षाविद शांतनु प्रकाश ने छात्राओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा, बच्चों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान का अद्भुत परिचय दिया है। ऐसी प्रस्तुतियां हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। विशिष्ट अतिथि मोहित ढांग एवं तन्मय वशिष्ठ ने कहा कि मसूरी इंटरनेशनल स्कूल शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति, कला और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। विद्यालय की छात्राओं का आत्मविश्वास और मंचीय प्रदर्शन इसकी उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है। समारोह के अंत में प्रधानाचार्या शालू बब्बर ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्राओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वार्षिक दिवस केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि विद्यालय की समृद्ध परंपरा, उत्कृष्ट शिक्षा और छात्राओं की असीम प्रतिभा का जीवंत प्रतिबिंब है।