जेपी बैंड के पास भारी बारिश के चलते घरों में घुसा मलवा, मजदूरों की जान बची।

उत्तराखंड देहरादून/मसूरी

 

मसूरी। लगातार हो रही बारिश के बाद मसूरी देहरादून मार्ग पर जेपी बैंड क्षेत्र में रविवार देर रात बड़ा हादसा होने से बच गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर बहकर लोक निर्माण विभाग के आवासों में घुस गया जिससे घरों के कमरे मलवा और पानी से भर गए और घरों में रखा सारा सामान क्षतिग्रस्त हो गया इन आवासों में रह रहे परिवार के सदस्यों ने किसी तरह घर से बाहर निकल कर अपनी जान बचाई।
स्थानीय लोगों ने घटना को केवल प्राकृतिक आपदा मानने से इनकार करते हुए आरोप लगाया कि शहर में चल रहे निर्माण कार्यों का मलवा नाले खालो में डाल दिया जाता है जो भारी बारिश के चलते सड़कों और लोगों के घरों में घुस जाता है। लोगों का कहना है कि प्राकृतिक नालों से छेड़छाड़ और मलबा निस्तारण में लापरवाही ने खतरे को कई गुना बढ़ा दिया। घटना के बाद पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी व क्षेत्रीय सभासद शिवानी भारती मौके पर पहुंचीं। सभासद शिवानी भारती ने निर्माण कार्यों के मलवे फेंके जोन की जांच की मांग की। नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी और एसडीएम राहुल आनंद के निर्देश पर प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। हाल ही में पानी वाले बैंड पर सड़क धंसने की घटना के बाद जेपी बैंड में मलबा आने से पहाड़ी क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण और निगरानी व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं लोगो का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित न किया गया निर्माण मलबा बारिश में कहर बनकर जान-माल के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।

क्षेत्रीय सभासद शिवानी भारती ने बताया कि शहर में चल रहे निर्माण कार्यों का मलवा नाले खालो में डाल दिया जाता है जो बरसात के समय आपदा का रूप धारण कर लेता है उन्होंने शासन प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी जांच की जाए।  नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि यह प्राकृतिक नहीं मानव जनित आपदा है उन्होंने बताया कि इन आवासों में छह परिवार रहते हैं जिन्हें एतिहात के तौर पर मंदिर में शिफ्ट कर दिया गया है इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों से वार्ता की गई है और जल्द नाले को साफ करने के लिए कहा गया है। उन्होंने शहर वासियों से अपील की है कि निर्माण कार्यों का मालवा नाले खालों में ना डालें।