विश्व वरिष्ठ नागरिक उत्पीड़न दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। 

उत्तराखंड देहरादून/मसूरी

मसूरी। ऑल मसूरी सीनियर सिटीजन वैलफेयर एसोसिएशन ने विश्व वरिष्ठ नागरिक उत्पीड़न जनजागरूकता दिवस पर गोष्ठी आयोजित की जिसमें स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग किया व अपने विचार व्यक्त किए। गोष्ठी के अंत में विजेता छात्र छात्राओं को पुरस्कार दिए गये।
विश्व वरिष्ठ नागरिक उत्पीड़न जनजागरूकता दिवस पर गांधी चौक स्थित गुरूद्वारा सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें बोलते हुए एसोसिएशन के महासचिव नरेंद्र साहनी ने कहा कि 15 जून को विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस मनाया जाता है जो कि एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील सामाजिक विषय है। यह विषय केवल सामाजिक उत्तरदायित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारी मानवीय संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों और सामाजिक प्रतिबद्धता का भी प्रतिबिंब है। विश्व स्तर पर प्रत्येक वर्ष 15 जून को यह दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बुजुर्गों के प्रति होने वाले दुर्व्यवहार, उपेक्षा, शोषण एवं भेदभाव के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा उनके अधिकारों, सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को सुनिश्चित करने हेतु सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। उन्हांेने कहा कि हमारे बुजुर्ग समाज और परिवार की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने अपने अनुभव, परिश्रम, ज्ञान और त्याग के माध्यम से परिवार, समाज तथा राष्ट्र के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके जीवन अनुभव, मार्गदर्शन और संस्कार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा एवं दिशा का स्रोत हैं। किन्तु यह अत्यंत चिंताजनक तथ्य है कि आज अनेक बुजुर्ग शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक दुर्व्यवहार का सामना कर रहे हैं। कई बार उन्हें उपेक्षा, असम्मान, अकेलेपन और सामाजिक अलगाव जैसी परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। यह स्थिति न केवल मानवीय दृष्टि से दुखद है, बल्कि हमारे सामाजिक मूल्यों और दायित्वों पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है। वृद्ध दुर्व्यवहार केवल शारीरिक हिंसा तक सीमित नहीं है। किसी बुजुर्ग की भावनाओं की अनदेखी करना, उनकी आवश्यकताओं की उपेक्षा करना, उन्हें सामाजिक रूप से अलग-थलग करना, उनकी आर्थिक स्वतंत्रता में बाधा उत्पन्न करना अथवा उन्हें सम्मान और स्नेह से वंचित रखना भी दुर्व्यवहार के अंतर्गत आता है। हमें यह समझना चाहिए कि बुजुर्गों को केवल भौतिक सुविधाओं की ही आवश्यकता नहीं होती, बल्कि उन्हें सम्मान, संवाद, अपनापन और भावनात्मक सहयोग की भी आवश्यकता होती है। उनका अनुभव और ज्ञान समाज की अमूल्य संपत्ति है, जिससे हम सभी महत्वपूर्ण सीख प्राप्त कर सकते हैं। इस मौके पर जीके गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सदैव बुजुर्गों को सर्वाेच्च सम्मान प्रदान किया गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि माता-पिता देवतुल्य हैं और उनका सम्मान करना हमारा नैतिक एवं सांस्कृतिक दायित्व है। विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस हमें आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करता है। यह हमें प्रेरित करता है कि हम अपने व्यवहार और दृष्टिकोण का मूल्यांकन करें तथा यह सुनिश्चित करें कि हमारे परिवार और समाज में प्रत्येक बुजुर्ग को सम्मान, सुरक्षा, स्नेह और गरिमा प्राप्त हो। इस मौके पर आहवान किया गया कि हम सभी यह संकल्प लें कि हम अपने बुजुर्गों का सदैव सम्मान करेंगे। उनके साथ नियमित रूप से समय व्यतीत करेंगे व उनकी भावनाओं, आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास करेंगे, उनके अधिकारों, गरिमा और आत्मसम्मान की रक्षा करेंगे तथा ऐसा सकारात्मक और सहयोगपूर्ण वातावरण निर्मित करेंगे, जहाँ वे स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और मूल्यवान महसूस करें। यदि प्रत्येक व्यक्ति, परिवार और समुदाय इस दिशा में गंभीर एवं सकारात्मक प्रयास करे, तो वृद्ध दुर्व्यवहार जैसी समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है और एक अधिक संवेदनशील, समावेशी एवं मानवीय समाज का निर्माण संभव हो सकता है। उन्हांेने कहा कि बुजुर्ग किसी परिवार का बोझ नहीं, बल्कि उसकी अमूल्य विरासत, अनुभव और ज्ञान के आधार स्तंभ होते हैं। हम उनके योगदान का सम्मान करें, उनकी गरिमा की रक्षा करें और उन्हें यह विश्वास दिलाएँ कि वे हमारे जीवन, परिवार और समाज के अभिन्न तथा सम्मानित सदस्य हैं। इस मौके पर छात्र छात्राओं सहित शिक्षिकाओं ने भी वरिष्ठ नागरिकों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिक प्रताड़ना विषय पर भाषण देने वाली छात्राओं में पायल नेगी शिशु मंदिर को पहला, खुशबू मसूरी गर्ल्स को दूसरा व सुल्ताना सनातन धर्म गर्ल्स इंटर कालेज को तीसरा स्थान हासिल किया व उन्हें पुरस्कार वितरित किए गये। इस मौके पर ऑल मसूरी सीनियर सिटीजन वैलफेयर एसोसिएशन के महासचिव नरेंद्र साहनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हर्षदा वोहरा, जीके गुप्ता, रमेश गोयल, केएस सेठी, दर्शन कामरा, सविंदर कौर सेठी, रितु रतूडी, दुर्गा कैंतुरा, नीलम झिल्डियाल, संगीता सहित महात्मा योगेश्वर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सनातन धर्म गर्ल्स इंअर कालेज व मसूरी गर्ल्स इंटर कालेज की छात्राएं व छात्र मौजूद रहे।