मसूरी। भारत के निशानेबाजी के बाजीगर गोल्डन ब्वॉय जसपाल राणा के आकस्मिक निधन से पूरे देश के साथ मसूरी में शोक की लहर छा गयी। उनका मसूरी से गहरा नाता रहा है। मालूम हो कि जसपाल राणा मसूरी के निकटवर्ती जौनपुर विकास खंड जिला टिहरी गढवाल के ग्राम चिलामू के निवासी थे तथा उनका बचपन मसूरी में बीता व प्राथमिक शिक्षा भी मसूरी के तत्कालीन आईटीबीपी परिसर स्थित केद्रीय विद्यालय में हुई थी।
जसपाल राणा ने भारतीय निशानेबाजी के खेल में महारथ हासिल की थी, व राष्ट्रीय सहित विश्व स्तरीय निशाने बाजी में कई स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाल कर भारत का नाम विश्व में रौशन किया। तभी से उन्हें गोल्डन ब्वॉय के रूप में पहचान मिली। जब भी वह विश्व स्तरीय प्रतियोगिता जीत कर आते थे तो सीधे अपने गांव चिलामू नैनबाग जाते थे व पहले मसूरी मंे रूकते थे जहां उनका सम्मान किया जाता था। वर्तमान में वह हाई परफॉरमेंस कोच के रूप में जाने जाते थे व कई निशानेबाज प्रतिभाओं को उन्होंने विश्व स्तर पर पहचान दिलायी जिसमें मनु भास्कर प्रमुख थे। उन्होंने निशानेबाजी में कभी पीछे मुड कर नहीं देखा। जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा आईटीबीपी में अधिकारी रहे है, व वह भी निशोनबाजी के राष्ट्रीय खिलाडी रहे, वहीं उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद पहली सरकार में मंत्री रहे हैं। उनकी माता भी निशानेबाज थी वहीं उनके छोटे भाई सुभाष राणा भी निशानेबाज है व भारतीय निशानेबाजी के कोच है, उनकी बहर सुस्मिता राणा जो केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पुत्रवधु है वह भी निशानेबाजी में राष्ट्रीय खिलाडी रही है। जसपाल राणा के निशानेबाजी मंे योगदान को हमेशा स्वर्णाक्षरों में लिखा जायेगा। उनकी मृत्यु से खेल जगत में गहरा शोक है व उनके जाने से जो शून्य पैदा हुआ है उसकी भरपाई होना संभव नहीं है। जसपाल राणा ने टिहरी लोक सभा का चुनाव भी लड़ा लेकिन हार गये थे। नगर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया व कहा कि उनके आकस्मिक निधन ने पूरे देश सहित उनके जौनपुर व मसूरी में गहरा शोक है। उन्होंने छोटे से गांव से जाकर जो विश्व स्तरीय उपलब्धि हासिल की वह हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा के परिवार से उनके गहरे संबंध रहे हैं। पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि जसपाल राणा के निधन से गहरा दुःख हुआ है व भारत ने एक प्रमुख निशानेबाज खिलाडी को खो दिया है, उनकी उपलब्धि पर जितना कहा जाय कम है। उन्होंने देहरादून के पौधा में निशानेबाजी की अकादमी खोली जहां से अनेक निशानेबाज निकले जिन्होंने देश का नाम विश्व स्तर पर किया है। मसूरी स्पोर्टस एसोसिएशन ने भी जसपाल राणा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मसूरी स्पोर्टस एसोसिएशन के अध्यक्ष सूरत सिह रावत ने कहा कि वह मसूरी स्पोर्टस एसोसिएशन से जुंडे रहे व जब भी वह मसूरी आते तो मसूरी स्पोर्टस एसोसिएशन के सदस्यों से जरूर मिलते। मसूरी प्रेस क्लब ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस मौके पर प्रेस क्लब अध्यक्ष सुनील सिलवाल ने कहा कि उनके निधन से जो क्षति खेल जगत को हुई है उसे भरा नहीं जा सकता, वह मिलनसार व मृदुभाषी होने के साथ प्रतिभा के धनी थे।
