मसूरी। विश्व पर्यावरण दिवस पर शहर के नागरिकों, महिलाओं ने मसूरी के पर्यावरण को बचाने, अवैघ निर्माण, पेडों के अवैध पातन, सड़कों की दुर्दशा, वाहनों के बढते दबाव, बढ़ता वायु प्रदूषण, प्लास्टिक प्रदूषण, घटते जल संसाधन के प्रति जनता को जागरूक करने व संबंधित विभागों को नींद से जगाने के लिए उत्तराखंड के गांधी इंद्रमणि बडोनी चौक पर हाथों में तख्तियां लेकर मौन प्रदर्शन किया ताकि इसका संदेश पर्यटकों सहित स्थानीय नागरिकों तक पहुंचे व इस दिशा में सक्रिय होकर मसूरी को बचाने के लिए आगे आये व पर्यावरण के संतुलन को बनाने में सहयोग करें।
इद्रमणि बडोनी चौक पर बडी संख्या में मसूरी के हितैषियों ने मसूरी में हो रहे पर्यावरण बदलाव, व अवैध खनन, पेडों के कटान, अवैध निर्माण, यातायात के बढते दबाव, प्लास्टिक प्रदूषण व सडकों की दशा आदि पर शासन प्रशासन व विभागों की नींद खोलने के लिए मौन प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने हाथों में नारे लिखी तख्ती ले रखी थी जिसमें पहाडों पर कूड़ा न डालें, पेड कटा, पहाड धंसा, पानी रूका, सहित अनेक नारे लिखें थे। इस मौके पर पर्यावरणविद ईशा गुप्ता वैश्य ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर आम जनता व विभागों को जागरूक करने के लिए मौन पदर्शन किया। इसके लिए धरातल पर कार्य करने की जरूरत है छोटे छोटे स्तर पर कार्य करने की जरूरत है। जबकि हर कोई पर्यावरण की बात करता है, ताकि मसूरी के बिगडते पर्यावरण को बचाया जा जा सके। उन्हांेने कहा कि इस तरह के कार्य क्रम हर माह व पूरे वर्ष होने चाहिए ताकि लोग जागरूक हो सके। वहीं स्वय के स्तर पर लगातार जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं, प्लास्टिक का प्रयोग न करे। इस मौके पर इंटेक की सुरभि अग्रवाल ने कहा कि पर्यावरण दिवस पर यह मौन प्रदर्शन किया जिसका उददेश्य था कि पर्यटक भी मसूरी को बचाने का संदेश समझे, यह आम आदमी का सवाल है पहाड़ काटे जा रहे है, पेड काटे जा रहे है कई पानी के स्रोत बंद हो गय है, अवैध निर्माण हो रहा है, इस पर विचार करना होगा, अभी 781 पेड कट गये हैं व किमाडी रोड चौडी करण में सात सौ पेड कटने है, इसलिए मसूरी को बचाने के लिए सभी को आगे आना चाहिए व संबंधित विभागों को इस संबंध में विचार करना चाहिए, वहीं जैजेवंती कर्णवाल ने कहा कि जो पेड कट चुके लेकिन अभी भी समय है कि आगे ऐसा न हो, गतवर्ष बारिश से मसूरी में कितना कहर बरपा, जो पेड़ खतरे में है उन्हंे बचाने के प्रयास होने चाहिए, व पर्यावरण को बचाने के लिए पेड़ लगाने चाहिए। इस मौके पर बीना गुनसोला, रजनी एकांत, माधुरी शर्मा, रजत एकांत, दुर्गेश रतूड़ी, नूपुर कर्णवाल सहित बड़ी संख्या में बच्चों ने भी प्रतिभाग किया।
