माल रोड पर आवारा पशुओं का बढ़ता आतंक, पर्यटक और स्थानीय परेशान। 

उत्तराखंड देहरादून/मसूरी

मसूरी। पर्यटन नगरी में इन दिनों सीजन पूरे चरम पर है, व देश विदेश के सैलानी बड़ी संख्या में मसूरी आकर यहंा के मौसम व सौदर्य का आनंद ले रहे हैं, लेकिन मालरोड पर घूमते आवारा पशु उनके आनंद में खलल डालने के साथ ही दुर्घटना की संभावनाओं को बढा रहे हैं। विगत दिनचों लंढौर चौक पर एक व्यक्ति को सांड ने उठा कर पटक दिया, जिनका उपचार अस्पताल में चल रहा है उसके साथ ही अन्य कई लोगों को भी चोटिल किया है वहीं एक बड़ा सांड मालरोड पर शाम के समय पर्यटकों से भरी मालरोड पर आ गया व इतनी तेजी से चिंघाड़ रहा था कि लोग डककर दुकानों की ओर भागने लगे व अच्छी खासी भगदड़ मच गयी। हालांकि सांड ने किसी को नुकसान नहीं पहुचाया लेकिन मालरोड पर भारी भीड़ में अगर कोई जानवर आ जाये व लोग डरकर भागने लगें तो भगदड़ मच सकती है व इससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है। वहीं इसके साथ ही आवारा कुत्तों के झुड व बंदरों आतंक अलग है। ऐसे में पर्यटक आराम से कैसे मसूरी का आनंद ले पायेगा। इससे माल रोड पर पैदल घूमने वाले पर्यटकों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मालरोड में कई बार पर्यटकों की भीड़ के बीच अचानक आवारा पशुओं के आने से अफरा-तफरी मच जाती है। कई बार पर्यटक इनके डर से किनारे हटते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जब आवारा पशुओं ने पर्यटकों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। मालरोड के व्यापारियों ने इस समस्या के समाधान की मांग पालिका प्रशासन से की है। उनका कहना है कि पर्यटन सीजन में लाखों की संख्या में लोग मसूरी पहुंचते हैं, ऐसे में माल रोड जैसी प्रमुख जगह पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है। स्थानीय लोगों ने सुझाव दिया है कि नगर पालिका आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजने की व्यवस्था करे और माल रोड पर वाहनों के संचालन को भी नियंत्रित किया जाए। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह मसूरी की छवि को भी प्रभावित कर सकता है। स्थानीय व्यापारियों ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि वे बिना किसी डर और असुविधा के मसूरी की खूबसूरती का आनंद ले सकें। नगर पालिका ईओ गौरव भसीन ने बताया कि पालिका द्वारा समय-समय पर आवारा पशुओं को गौशाला भेजने का काम किया गया जाता है लेकिन उसके बाद नये पशु मालरोड पर आस पास के क्षेत्र के लोग छोड जाते है। उन्होंने कहा कि पालिका की टीम मालरोड से आवारा पशुओं को उचित स्थान पर भेजने की कार्यवाही करेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पालिका प्रशासन की प्राथमिकता है।