मंत्री गणेश जोशी प्रातः पहुंचेे आपदाग्रस्त क्षेत्र सरखेत, किया सुरक्षात्मक कार्यो का निरीक्षण। 

उत्तराखंड देहरादून/मसूरी

मसूरी। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सुबह सुबह सरखेत पहुंचकर आपदा प्रभावित क्षेत्र में चल रहे विकास एवं सुरक्षात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला प्रशासन एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आगामी बरसात को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा के आपदा प्रभावित क्षेत्र में मलवे की स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को तत्काल मलवे के चौनेलाइजेशन कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात से पूर्व आवश्यक सुरक्षात्मक कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना अत्यंत आवश्यक है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सरखेत क्षेत्र में आपदा के मलवे के चौनेलाइजेशन एवं सुरक्षात्मक कार्यों के लिए विधायक निधि से 5 से 10 लाख रुपये तक की धनराशि उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों से समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास एवं सुरक्षा को लेकर गंभीर है और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, सिंचाई विभाग के ईई दीक्षांत गुप्ता, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह, ग्राम प्रधान सागर पंवार, बालम सिंह, पंचम सिंह रावत, विशाल पंवार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
बाक्स- प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कैंप कार्यालय में रीप परियोजना के तहत आपदा प्रभावित ग्राम पंचायतों की महिला समूह के उद्यम परिवारों को रुपये 14.25 लाख की लागत के आर्थिक सहायता के चौक वितरित किए। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है और प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आजीविका को पुनः सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं आजीविका को बढ़ावा देने के साथ-साथ आपदा से प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है।