Uttarakhand: ग्रीष्मकाल में हीटवेव से बचने की तैयारी; स्कूलों में नियमित अंतराल पर बजाई जाएगी वाटर बेल

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मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में बढ़ते तापमान और हीटवेव की आशंका को देखते हुए सभी स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा प्राथमिकता पर रखी जाए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी विद्यालयों में नियमित अंतराल पर वाटर बेल बजाने के निर्देश दिए हैं, जिससे छात्र-छात्राएं गर्मियों के मौसम में नियमित अंतराल पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचाव सुनिश्चित हो।

मुख्य सचिव ने यह निर्देश बुधवार को ग्रीष्मकाल में हीटवेव से बचने की तैयारियों पर हुई बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ते तापमान और हीटवेव की आशंका को देखते हुए सभी स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा प्राथमिकता पर रखी जाए। विद्यालय के समय में आवश्यकतानुसार परिवर्तन भी किया जाए। साथ ही कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन, ओआरएस और आवश्यक दवाओं का भंडारण किया जाए। विद्यार्थियों को हीटवेव से बचाव की जानकारी भी दी जाए। बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, डॉ.पंकज कुमार पांडेय, सीसीएफ सुशांत कुमार पटनायक, डॉ.पराग मधुकर धकाते, सी.रविशंकर, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान आदि मौजूद थे।

जिलें तैयार करें एक्शन प्लान
मुख्य सचिव ने कहा कि हर जिला हीटवेव एक्शन प्लान तैयार कर संवेदनशील (हॉटस्पॉट) क्षेत्रों की पहचान करे और वहां विशेष निगरानी एवं राहत व्यवस्थाएं करें। श्रमिकों और खुले में कार्य करने वाले लोगों के कार्य समय में आवश्यकतानुसार बदलाव करें।

ये भी निर्देश दिए

– पानी की किल्लत वाले इलाके में निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोकें।
– प्रदेशभर में बसों, स्टेशन व बाजार में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करें।
– अस्पतालों में हीट वेव से प्रभावितों के उपचार के लिए पर्याप्त बेड हों।
– जरूरी दवाइयों, ओआरएस व आइस पैक की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
– बिजली की मांग बढ़ सकती है, ऐसे में वैकल्पिक योजना तैयार की जाए।