मसूरी। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस उत्तराखंड प्रदेश सैनिक विभाग अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने मसूरी में पत्रकारों से बातचीत में भारत सरकार की अग्निवीर योजना का विरोध किया व कहा कि अग्निवीर योजना युवाओं की भावना व भविष्य के साथ खिलवाड़ है, वहीं सैनिक शक्ति व परंपराओं के साथ देश की सुरक्षा के लिए घातक है। उन्होने कहा कि हमारे युवा देश सेवा के लिए तत्पर है लेकिन इस योजना से उनका मनोबल कम हुआ है व चार साल की नौकरी से सैनिक परंपरा पर आघात है वहीं सुरक्षा को बड़ा खतरा है।
मसूरी में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पूर्व सैनिक विभाग राम रतन नेगी ने कहा कि अग्निवीर योजना से युवाओं का भविष्य नहीं है, वह चार सालों में न सैनिक परंपराओं को पूर्ण रूप से सीख पायेगा, न उसे आगे बढा पायेगा वहीं केंद्र सरकार की इस योजना से देश की सुरक्षा को बडा खतरा बढेगा। चार साल किसी यूनिट में जाने के बाद जो कान्टेक्ट बेस पर होगा वह सेना के कठिन परिस्थिति को समझ नहीं पायेगा, उनके आपरेशन में वह अपने को समक्ष नहीं बना पायेगा ऐेसे में देश की सुरक्षा को खतरा होगा जबकि हमारे बार्डर सेंसेटिव है। उन्होने कहा कि युवाओं के हित को देखते हुए, सैन्य परपंराओं व देश की सुरक्षा को देखते हुए इस योजना को तुरंत समाप्त करना चाहिए। व सेना में भर्ती होने वाले को अच्छा प्रशिक्षण देकर पूर्ण सैनिक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2022 में जब योजना शुरू हुई तभी से कांग्रेस ने विरोध किया व राहुल गांधी ने इस पर अपनी बात की। उन्होंने कहा कि पूरे देश में इस योजना का विरोध कांग्रेस कर रही है वहीं उत्तराखंड में भी विभिन्न माध्यमों से योजना का विरोध किया जा रहा है, पूर्व सैनिक तो पेंशन ले रहे है लेकिन यह समस्या युवाओं के भविष्य व देश की सुरक्षा की है। कांग्रेस तब तक आंदोलन करेगी जब तक योजना को वापस नहीं लिया जाता। उन्हेंने कहा कि सैन्य शक्ति 15 लाख की है व हर साल अस्सी हजार सैनिक भर्ती होते थे, उसे घटा कर 47 हजार की भर्ती होता है व अग्निवीर चार साल के लए भर्ती होता है ऐसे में सेना में करीब पांच लाख सैनिक कम हो जायेगे जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा है अगर हमारी सीमाएं सुरक्षित नहीं रहेगी तो देश सुरक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि हम पूरे पद्रेश में इस योजना के खिलाफ आंदोलन चला रहे है जन संवाद कर रहे है, प्रदर्शन कर रहे है व संकल्प लिया है कि जब तक योजना समाप्त नहीं की गयी तब तक इसका विरोध किया जाता रहेगा। वहीं उन्होने इस मौके पर कहा कि जो सैनिक सेना में पूरी सेवा देता है ऐसे में जो सेनिक अपंग हो जाता है उसे टैक्स दायरे से बाहर रखा जाता है यह 1922 से लागू है लेकिन केंद्र सरकार 104 साल के बाद उनपर टैक्स लगाने जा रही है इसके विरोध में भी

आंदोलन चलाया जा रहा है व इस मामले को संसद में उठाया जायेगा। इस मौके पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने कहा कि उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य क्षेत्र है पहला सीडीएस उत्तराखंड से बने यह हमारा सौभाग्य है, लेकिन सरकार की अग्निपथ योजना ऐसी हे जहां सैनिक जब तैयार हो रहा है वहीं रिटायर हो रहा है। इसमें योजना में रिटायर होने के बाद कोई सुविधा उनको नहीं मिल रही, न शहीद का दर्जा मिलेगा, ने पेशन मिलेगी, न ग्रेच्युटी मिलेगी, न स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी यह यहां के नौजवानों के साथा धोखा है, यहां का युवा फौज में जाने को सम्मान मानता था लेकिन आज उनको चार बाद चौराहे पर खडा करने के लिए छोडा जा रहा है। इसका विरोध जायज है, अब तो महिलाएं भी सेना में जा रही है उनके लिए यह यह हताशा बन गयी है। इस मौके पर पूर्व सैनिक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, विचार मंच उपाध्यक्ष केंद्रीय कांग्रेस डा. आरपी ध्यानी, प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्व सैनिक कांग्रेस कैप्टन गोपाल गडिया, आलम सिंह रावत, छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष महेश चंद, महामंत्री राजेश मल्ल, तेजपाल रौथाण, महिमानंद, आदि मौजूद रहे
