मसूरी। पर्यटन नगरी में तीन दिन के अवकाश होने पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से पूरा शहर जाम से जूझने पर मजबूर हो गया। पुलिस की कमी व पूर्व में तैयारी न होने के कारण दिन भर पर्यटकों सहित स्थानीय लोग जाम से जूझते रहे। वहीं प्रदेश के काबीना मंत्री गणेश जोशी गाधी जयंती के कार्यक्रम में जाम के कारण लेट से पहुंचे व वाहन छोड कर स्कूटी से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
वीक एंड व अवकाश होने पर बड़ी संख्या में पर्यटकों ने मसूरी का रूख किया। जिसके कारण मसूरी देहरादून मार्ग से लेकर मसूरी के हर संपर्क मार्ग पर दिन भर लोगों को जाम से जूझने को मजबूर होना पड़ा। लाइब्रेरी किंक्रेग मार्ग, लाइब्रेरी हाथी पावी व मोती लाल नेहरू मार्ग, लंढौर मार्ग पर तो दो किमी से अधिक का जाम लगा रहा। वहीं जब व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी तो गाधी चौक से वाहनों को मालरोड से भेजा गया जिससे मालरोड पूरा जाम हो गया। वहीं शहर के अन्य मार्गों पर भी दिन भर वाहन रेंगते रहे। पुलिस की कमी व पूर्व से यातायात प्लान न बनाये जाने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। कई स्थानों पर जाम इतना भारी रहा कि पैदल चलने वालों को भी रास्ता नहीं मिला व उन्हें भी वाहनों के साथ रेंगते हुए चलना पड़ा। लगातार जाम से परेशान लोगों ने पुलिस प्रशासन पर सवाल खडे किए है। जंहां तक लंढौर का सवाल है वहां तो हर दिन ही जाम रहता है जिसके कारण वहंा के व्यापारी खासे परेशान है। लंढौर जाने वाला मार्ग एक मार्गीय यातायात के तहत चलाया जाता है लेकिन विगत दिनों से घंटाघर से यातायात को टिहरी बाई पास की ओर डायवर्ट किया गया है जिसके कारण घंटाघर से सिविल अस्पताल रोड पर भी दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। मसूरी को जाम से निजात दिलाने के लिए प्रशासन व पुलिस के पास कोई ठोस प्लान न होने के कारण लोगों को जाम से जूझना पड़ता है व हालात दिन प्रतिदिन खराब होते जा रहे है। इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है वरना इसका प्रभाव पर्यटन पर पडेगा व आने वाले समय में पर्यटक मसूरी आने से कतराने लगेंगे। हालात यह है कि मसूरी पहुचने में तीन से चार घंटे का समय लग रहा है व पर्यटकों का पूरा दिन जाम में फंसे रहने पर कट रहा है।