मसूरी। आर्य समाज का तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव का समापन हवन व भंडारे के साथ संपन्न हो गया। तीन दिनों तक जहां विद्वान वक्ताओं ने ज्ञान की गंगा बहाई गयी वहीं भजनों के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों पर कटाक्ष किए गये।
समापन के दिन प्रातः गायत्री यज्ञ, भजन, प्रवचन व पूर्णाहुति के बाद लंगर का आयोजन किया गया। इस मौाके पर प्रखर वक्ता आचार्य वीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आर्य समाज वेद का प्रचार करने वाली संस्था है सबसे पहला ज्ञान की पुस्तक वेद से ही मिलता है उससे ही सारा ज्ञान विज्ञान फेला है, आर्य ही धरती पर सबसे पहले पैदा हुए। महाभारत तक वैदिक संस्कृति रही लेकिन महाभारत के बाद भिन्न मतमतांतर पैदा हुए व सरस्वती का प्रादुर्भाव हुआ। दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना मुबंई में की जिसका उददेश्य समाज का कल्याण करना, छुआछूत को दूर करना व समरसता का प्रचार करना है। कर्म से उपर नीचे हो सकता है स्त्री को भी वेद पढने का अधिकार है। आर्य समाज ने बाल विवाह रोके व विधवा को शादी करने का अधिकार दिया। वहीं समाज में कई

कुरीतियों का समाप्त करने में योगदान दिया। भारत मातृ भूमि है जिसकी रक्षा करनी चाहिए। देश की आजादी सबसे अधिक का्रतिकारी आर्य समाज के थे जो जेलों में रहे इनमें राम प्रसाद बिस्मिल, भगत सिंह आदि ने ज्ञानेस सरस्वती से प्रेरणा ली थी, यह राष्ट्रवादी, व धार्मिक संगठन है, व वेदों का प्रचार प्रसार करता है। इस मौके पर द्रोण आर्ष गुरूकुल की पूर्व आचार्या डा. अन्नपूर्णा ने कहा कि यज्ञ से विश्व का कल्याण होता है व सभी संस्कार यज्ञ से होते है, यह केवल कर्मकांड नहीं है। यज्ञ से बीमारियां दूर होती है, वातावरण को शुद्ध करता है मानसिक शांति मिलती है व उर्जा मिलती है तथा शक्ति प्राप्त होती है। पूर्व में राजा महाराजा व साधु संत यंज्ञ करते थे, वेद से ज्ञान की गंगा बहती है। चारों वेद ज्ञान व विज्ञान का भंडार है। भगवान एक है व भक्त अनेक है। चंीटी से लेकर मानव तक कर्म के अनुसार प्रारब्ध मिलता है। सत्य व धर्म के मार्ग पर चलो परोपकार करो यह यज्ञ सिखाता है अच्छे बने व दूसरों को भी अच्छा बनायें महर्षि दयानंद ने आर्य समाज की स्थापना इसी लिए की थी। इस मौके पर आर्य समाज के अध्यक्ष आनंद रस्तोगी ने कहा कि तीन दिवसीय वार्षिक उत्सव का समापन किया गया। तीनों दिन भजन कीर्तन, व्याख्यान हुए व समापन पर ऋषि लंगर का आयोजन किया गया। इस मौके पर अध्यक्ष आंनद रस्तोगी, सचिव प्रणव साहनी, संजय अग्रवाल, सतीश कुमार, अनुराग रस्तोगी, डा. अजय अग्रवाल, नीलम नागिया, साधना साहनी, रजत अग्रवाल, योगिता गोयल, मनीष गोयल, सुदेश सैनी, विजय प्रकाश, रंजना रस्तोगी, राजेश नागिया सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।