मसूरी। उत्तराखंड राज्य निर्माण में मसूरी गोलीकांड की 32वीं वर्षगांठ पर प्रदेश के काबीना मंत्री गणेश जोशी, बड़ी संख्या में विभिन्न राजनैतिक दलों, सामाजिक संगठनों, आंदोलनकारियों सहित शहीदों के परिजनों ने शहीद स्थल पर जाकर उनकी प्रतिमाओं व चित्रों पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उक्रांद कार्यकताओं ने नारेबाजी के बीच शहीदो को श्रद्धांजलि दी।
शहीद स्थल पर आयोजित कार्यक्रम को वर्चुटल संबोधित करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी ने कहा कि भारी बारिश होने के कारण मसूरी नहीं पहुच पाया व खटीमा से संबोधित कर रहा हूं। उन्होंने प्रदेश निर्माण में ज्ञात अज्ञात आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, उन्होंने कहा कि खटीमा के अगले दिन मसूरी में गोलीकांड हुआ व मसूरी में छह शहीदों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया वहीं डिप्टी एसपी भी शहीद हो गये। उन्होंने कहा कि उस समय आंदोलन कारियों ने बिना हथिया, व बिना हिंसा के आंदोलन चला रहे थे लेकिन तत्कालीन दमनकारी सरकार की पुलिस ने उनकी आवाज को गोलियों से दबाने का प्रयास किया। जिन आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों को राज्य के लिए न्योछावर किया उनको हमेशा याद रखा जायेगा व उनके सपनों को उत्तराखंड बनाया जायेगा। उन्होंने हंसा धनाई, बेलमती चौहान, बलबीर नेगी, धनपत सिंह, मदनमोहन ममगाई, राय सिंह बंगारी सहित तत्कालीन डीएसपी उमाकांत त्रिपाठी को हृदय से श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। उनके बलिदान से राज्य के संकल्प को मजबूत किया व गर्व से सिर उंचा किया। यह राज्य बडे संघर्षों के बाद मिला, यह देवभूमि के साथ वीरभूमि व बलिदान भूमि भी है। सबकी जिम्मेदारी है कि नई पीढी को बताये कि उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान राज्य के निर्माण के लिए किया जिसमें मातृशक्ति की अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्यों उत्तराखंड पहले स्थान पर है। उत्तराखंड के आंदोलनकारियों को दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, पेंशन में बढोत्तरी की है, दो बच्चों को निशुल्क शिक्षा, व बस यात्रा सहित महिलाआंे को तीस प्रतिशत आरक्षण दिया है। वहीं अनेक जन कल्यााणकारी योजनाएं चला रहे है, व प्रदेश के विकास में योजनाएं बनाकर पलायन को रोकने का प्रयास कर रहे है ताकि यहां की संस्कृति को बचाया जा सके। उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य का दर्जा मिले इसका प्रयास किया जा रहा है। व 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। राज्य में पर्यटन बढा है, तीन लाख बहने लखपति बनी है। इस मौके पर मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी के शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि आज राज्य नहीं बनता तो वह मंत्री नहीं बनते है, उनकी बदौलत मंत्री बना। उन्होंने कहा कि शहीद स्थल मसूरी का पवित्र स्थल है यहां पर म्युजियम बनना था, जो तीन माह में शिलान्यास किया जायेगा, भिलाडू खेल मैदान की आपत्तियां खारिज हो गयी हैं, जिसके निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू होगा, मुख्यमंत्री ने 2013 में तहसील की घोषणा की थी जो अभी शुरू नहीं हो पायी उसको शुरू करवाने के लिए पद सृजित करायेंगे, वेेडर जोन बनायेंगे, जीरो प्वाइंट पर पार्किग स्वीकृत हो चुकी है सभी का शिलान्यास मुख्यमंत्री से कराया जायेगा वहीं नगर पालिका शरदोत्सव कराने जा रही है, जिसमें सरकार की ओर से पूरी मदद की जायेगी वहीं उन्होंने मसूरी देहरादून मार्ग की हालात पर चिंता व्यक्त की व कहा कि इसका पूरा का सर्वे करा कर इसका ट्रीटमेंट के लिए मुख्यमंत्री से अनुरोध किया जायेगा। गढवाल सभा भवन की पत्रावली गोपन में आ चुकी है जिसे आगामी कैबिनेट में लाकर कार्य पूरा किया जायेगा। कार्यक्रम को पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, व पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व पालिकाध्यक्ष मन मोहन सिंह मल्ल ने किया। इस मौके पर उत्तराखंड राज्य निर्माण सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बडथ्वाल, भाजपा प्रवक्ता रवीद्र जुगराण, पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल, अनुज गुप्ता, उक्रांद के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र दत्त कुकरेती, सुनील उनियाल गामा, प्रमिला रावत, जय प्रकाश उपाध्याय, लताफत हुसैन, भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, उपेंद्र थापली, मनीष गोनियाल, सोनिया आनंद रावत, पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, भाजपा मंडल महामंत्री नरेंद्र मेलवाल, मोहन पेटवाल, भगवान सिंह धनाई, रविराज बंगारी, भगवती प्रसाद सकलानी सहित बड़ी संख्या में शहर वासियों व बाहर से आये लोग मौजूद रहे।

शहीद स्थल पर मसूरी गोलीकांड दिवस पर मसूरी शहीद स्मारक समिति की ओर से कार्यक्रम आयोजित कर सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया जिसमें ग्रंथी, पादरी, मौलवी व पुरोहित सहित संस्कृत विद्यालय के छात्रों ने अपने धर्म के आधार पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गयी व शान्ति पाठ किया गया

इस मौके पर राज्यआंदोलनकारी जय प्रकाश उत्तराखंडी ने कहा कि हमारी पीढी ने राज्य बना दिया अब नई पीढी का दायित्व है कि वह यहां के जल जंगल जमीन को बचाये, जिस सपने को देखकर राज्य बनाया था भाजपा व कांग्रेस की सरकारों ने उसे भुला दिया। व राज्य के वजूद को समाप्त कर दिया। मसूरी की स्वास्थ्य सेवाये बदहाल है, पर्यटन का निदेशालय यहां से चला गया, एसडीएम दो दिन आता है, सचिवालय में जाते है तो वहां बाहरी राज्यों के वाहन नजर आते हैं, ब्यूरोक्रेट की मानसिकता पहाड़ के प्रति नहीं है। उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि जिन लोगों ने राज्य के लिए शहादत दी आज उनका सपना चकनाचूर हो गया, आज जरूरत उस राज्य के निर्माण की है जिसके सपने आंदोलनकारियों ने देखे थे, लेकिन दुख है कि आंदोलनकारियों को इतिहास नहीं बन पाया। जो दुर्गति राज्य की हो रही है उसे बचाने के लिए आगे आना होगा। उक्राद का विजन उत्तराखंड को बचाने का है, मूल निवास समाप्त कर दिया। सुनील उनियाल गामा ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राज्य बन गया लेकिन पलायन नहीं रूका, मातृशक्ति ने जवानी व पानी उत्तराखंड के काम आये इसको लेकर लड़ाई लड़ी थी लेकिन धीरे धीरे आगे बढ रहे है। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री आर्यनदेव उनियाल ने कहा कि जिन आंदोलनकारियों ने उत्तराखंड के लोगों को खुली हवा में सांस लेने का अवसर दिया उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं व राज्य के विकास में सभी आगे बढे व राज्य के सपनों को साकार करने में अपना योगदान दें। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रवीद्र जुगराण ने कहा कि वह राज्य आंदोलनकारी के सपनों को पूरा करने के लिए लंबी लड़ाई है, अधूरे सपनों को पूरा करना है, संघर्ष की आवश्यकता है व सही दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डीएसपी उमाकांत त्रिपाठी ने भी शहादत दी लेकिन उनको शहीद का दर्जा को शहीद का दर्जा देने का पता 32 सालों में पता लगा व होम मिनिस्ट्री के पटट पर लिखा गया है।उन्होंने मसूरी में उमाकांत त्रिपाठी की प्रतिमा लगाने की मांग की व जहां वह रहते है पुलिस हास्टल का नाम उनके नाम पर रखा जाय।

भाषण प्रतियोगिता में ऋषिका खंडूरी कक्षा 12 निर्मला इंटर कालेज प्रथम, निसबा सनातन धर्म गर्ल्स इंटर कालेज कक्षा 10 द्वितीय, आदर्श कक्षा 11 राजकीय अटल उत्कृष्ट घनानंद इंटर कालेज तृतीय रहे, निबंध प्रतियोगिता में वंशिका कक्षा 8 निर्मला इंटर कालेज प्रथम, दिव्यांशी कक्षा 6 सनातन धर्म गर्ल्स इंटर कालेज द्वितीय व शगुन कक्षा 8 राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय किताबघर तृतीय रही। वहीं कला प्रतियोगिता में नक्श कक्षा 5 निर्मला इंटर कालेज प्रथम, रिदम कक्षा 4 सनातन धर्म गर्ल्स इंटर कालेज द्वितीय, व अंकित यादव कक्षा 5 राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुलडी तृतीय रहे। प्रतियोगिता में आठ विद्यालयों ने प्रतिभाग किया व निर्णायक की भूमिका उदित शाह, पूर्णिमा पंवार, बबीता कुकरेती, राजेश्वरी थपलियाल, जितेंद्र नवानी, शमशाद खान, मनोज ध्यानी, राजीव जोशी व अरविंद नेगी ने निभाई।