मसूरी। पर्यटन नगरी में मालरोड मुख्य आकर्षण का केंद्र रहता है लेकिन बरसात में कुछ स्थानों पर पानी की निकासी न होने के कारण रोड तालाब में परिवर्तित हो जाती है जिसके कारण पैदल चलने वालों को रेलिंग के सहारे रोड से गुजरने को मजबूर होना पड़ता है। पूर्व में भी कई बार बैठकों में इस विषय को उठाया गया लेकिन लोक निर्माण विभाग ने पानी की निकासी के कोई उपाय नहीं किए जिसका खामियाजा आम जनता व पर्यटकों को भुगतना पड रहा है।
मालरोड का तीन वर्ष पूर्व करोडो खर्च कर सुधारी करण किया गया था, लेकिन जब मालरोड का कार्य किया गया तो किसी ने भी पानी की निकासी पर ध्यान नहीं दिया। जिसका खामियाजा बरसात के दिनों में आम जनता व पर्यटको को भुगतना पड़ रहा है, जब भी बारिश होती है तो गढवाल मंडल व एक दो स्थानों पर पानी की निकासी न होने पर बारिश का पानी रोड पर जमा हो जाता है व तालाब बन जाता है वाहन वाले तो पानी के बीच से निकल जाते है लेकिन पैदल चलने वालों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है व बारिश होने के बाद बने तालाब से बचने के लिए रेलिंग पकड़ कर रोड को पार करना पड़ता है। जबकि मंत्री गणेश जोशी सहित अधिकारियों की बैठक में यह मामला बार बार उठाया जाता रहा है व लोक निर्माण विभाग को निर्देश भी दिए जाते रहे है, नालों को खोलने व पानी की निकासी करने को कहा जाता रहा है लेेकिन लोक निर्माण विभाग की लापरवाही व अकर्मण्यता का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है, जिस तरह मालरोड पर पानी का जमाव बारिश के दिनों में हो जाता है उससे आने वाले समय में बड़ी दुर्घटना की संभावना लगातार बढ रही है। इस पर नगर पालिका, प्रशासन व लोक निर्माण विभाग को पानी की निकासी के प्रयास करने चाहिए ताकि लोगों को हो रही परेशानियों से निजात मिल सके।
