मसूरी। निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की प्रेरणा एवं दिव्य आशीर्वाद से संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा, संत निरंकारी चौरिटेबल फाउंडेशन, संयुक्त राष्ट्र संघ की इस वर्ष की थीम ‘बीट प्लास्टिक पोल्युशन’ के अनुरूप 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस पर संपूर्ण भारतवर्ष के 18 पर्वतीय एवं पर्यटन स्थलों सहित पर्यटन नगरी मसूरी में वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया जिसमें साढे तीन सौ से अधिक स्वयं सेवकों ने प्रतिभाग किया।
यह अभियान केवल पर्यावरण संरक्षण का प्रयास नहीं, बल्कि सेवा, सुमिरण और सद्भाव के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का एक आध्यात्मिक उपक्रम है। वर्तमान में जब संपूर्ण विश्व पर्यावरण संरक्षण हेतु सजग होकर सकारात्मक कदम बढ़ा रहा है, ऐसे समय में संत निरंकारी मिशन अपने सेवा मूल्यों द्वारा समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी में यह संदेश सशक्त कर रहा है कि स्वच्छता केवल बाहरी वातावरण की नहीं, बल्कि विचारों, संस्कारों और जीवनशैली की भी होनी चाहिए। इस महाअभियान में संत निरंकारी चौरिटेबल फाउंडेशन के

स्वयंसेवक, सेवादल सदस्य, श्रद्धालु एवं स्थानीय निवासी एकजुट होकर हर कण में प्रभु का दर्शन की भावना के साथ प्रकृति संरक्षण के इस पुनीत यज्ञ में सहभागी बने। इस मौके पर संत निरंकारी मिशन के स्वयं सेवकों ने मसूरी में बारिश के बीच सफाई अभियान चलाया, व शहीद स्थल पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें पर्यावरण संरक्षण को लेकर नुक्कड नाटक भी किए। इस मौके पर जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह ने पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी को पौधा भेंट किया गया व उन्होंने कहा कि स्वच्छ मसूरी, ग्रीन मसूरी के लिए सभी को मिलकर संकल्प के साथ कार्य करना चाहिए, उन्होंने प्लास्टिक का प्रयोग न करने व कूड़ा इधर उधर न फेंकने का भी आहवान किया। सफाई अभियान की जानकारी देते हुए मिशन के स्वयं सेवक हेमराज शर्मा ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर हर वर्ष मिशन की ओर से सफाई अभियान चलाया जाता है। उन्हांेने कहा कि सदगुरू ने कहा है कि मन के अंदर जो प्रदंूषण है जिसमें ईष्या, वैर द्वेष आदि को मिटाने के साथ ही समाज व प्रकृति में जो प्रदूषण है उसे मिटाने के लिए मिशन के स्वयं सेवक सफाई अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता जरूरी है, समाज का अंग होने के नाते सभी का फर्ज बनता है कि स्वच्छता के लिए कार्य करें।
