सीजन चढते ही चरमराई सफाई व्यवस्था, जनता परेशान।

उत्तराखंड देहरादून/मसूरी

मसूरी। इन दिनों पर्यटक सीजन चरम पर है, ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गयी है। चारों ओर कूड़े के ढेर नजर आ रहे है, जिसका प्रभाव मसूरी की सुंदरता व पर्यटन पर पड़ रहा है। शहर का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहंा पर कूड़े के ढेर न लगे हों अगर नाले खालों की बात करें तो और भी बुरा हाल है। इससे मसूरी की छवि खराब हो रही है।
पहाडांे की रानी मसूरी में इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे है, लेकिन शहर की हालात बद से बदतर होती जा रही है। शहर के हर क्षेत्र में कूडे़ के ढेर लगे है, जिससे स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह है कि गर्मी के साथ कूडे के ढेर दुर्गध फेला रहे है जिससे लोगों को जहां गंदगी से परेशानी हो रही है वहीं दुर्गध से जूझना पड़ रहा है। हालांकि गत वर्ष शहर के कूडा उठाने की संस्था कीन के समय कोई परेशानी नहीं हुई लेकिन लगता है कि नई संस्था लार्ड शिवा इस ओर ध्यान नहीं दे रही जबकि पालिका ने इस संस्था को पूर्व की संस्था से अधिक पैसा देकर शहर से कूड़ा उठाने का कार्य दिया है। इस संबंध में जब पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा गया तो उन्होंने कहा कि जाम के कारण वाहन कूड़ा डंपिग तक नहीं पहुंच पा रहे हैं जिससे परेशानी हो रही है लेकिन उन्होंने कहा कि इस संबंध में कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए जायेंगे कि शहर में कूड़ा उठाने की व्यवस्था ठीक की जाय। वहीं दूसरी ओर शहर के नाले खाले भी कूड़े से पट रहे है, अधिकतर सफाई कर्मियों के पास कंडी न होने के कारण वे कूड़ा रोड के किनारे नालों में डाल देते है जिससे पूरे शहर के नाले कूडे के ढेर में तब्दील हो गये है जो दिखने में भी बहुत खराब लग रहे है इस पर पालिका प्रशासन को ध्यान देना होगा, अन्यथा बरसात में और बुरा हाल होगा व गंदगी से बीमारी फेलने व दुर्गध का सामना करना पडेगा।