मसूरी। कैपटी स्थित हिमालयन एडवेंचर इंस्टीटयूट में आयोजित विल्डरनेस फर्स्ट एड के लिए विभिन्न क्षेत्रों से आये 25 युवाओं को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण यूएस स्कूल ऑफ सरवाइवल हिमालयन एडवेंचर इंस्टीटयूट के संयुक्त कार्यक्रम में दिया गया ताकि किसी भी आपदा में लोगों की जान बचाई जा सके।
हिमालयन एडवेंचर इस्टीटयूट ने यूएस स्कूल ऑफ सरवाइवल प्रशिक्षण कार्यक्रम किया जिसका सफल समापन हो गया। प्रशिक्षण लेने वालों को डब्ल्यूएफओ सर्टिफिकेट ऑफ इमरजेंसी रेडनेस से सम्मानित किया गया। यह प्रमाण पत्र अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दो वर्षों के लिए मान्य है तथा विल्डरनेस मेडिकल सोसाइटी अमेरिकन रेडक्रास एवं विल्डरनेस मेडिकल एजुकेशन कोलाबोरेटिव के मानकों के अनुरूप है। प्रशिक्षण में दून डिफेंस अकादमी, रोटरी क्लब प्रायोजित छात्रों, आसरा ट्रस्ट, आउटवर्ड आउंड इंडिया हिमालयाज के प्रशिक्षक, व हिमालय क्षेत्र के विभिन्न भागों से अये कैंप लीडर एवं टेªक गाइड थे। प्रशिक्षण निदेशक एवं प्रमुख प्रशिक्षक यूएस स्कूल ऑफ सरवाइवल, जॉन डॉबिन्स ने दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अमेरिका सहित विदेशों में तीस वर्षों से अधिक के अध्यापन, अनुभव में इतने उत्साही, अनुशासित, एवं तेजी से सीखने वाले समूह के साथ काम करना सदैव सुखमय होता है। हिमालयन एडवेंचर इंस्टीटयूट में जिन 25 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया वह ठीक वैसे ही थे, उनकी लगन पहले दिन से ही प्रत्यक्ष थी, लाक हिमालयन एडवेंचर इंस्टीटयूट द्वारा निर्मित उस विविधतापूर्ण वातावरण की देनच है। वहीं रोटरी प्रायोजित छात्र एक अनुभवी पर्वतीय गाइड के साथ बैठकर एक टीम के रूप में जीवन बचाने का प्रशिक्षण लेता है। उन्होंने कहा कि भारतीय भू भाग उसकी हिमालयी श्रृखलाएं उसके तटीय क्षेत्र, दूरस्थ ग्रामीण इलाके ठीक वैसी जगह है जहंा विल्डरनेस मेडिसिन का सबसे बडा महत्व है, यहंा निर्णायक चिकित्सीय सहायता अक्सर कई घंटो, और कभी कभी कई दिनों की दूरी पर होती है, पहले 60 मिनट मंे लिया गया सही निर्णय ही जीवन बचाता है। हाई की यह दूर दर्शिता की इस क्षमता को पूरे देश में स्थापित किया जाय, तथा हमारी यह साझेदारी इसे सतत बनायेगी। इस मौके पर इंस्टीटयूट के एसोसिएट निदेशक नवीन चमोली ने कहा कि यूएस स्कूल ऑफ सरवाइवल के साथ साझेदारी एक सरल विश्वास पर आधारित है जो आपात कालीन चिकित्सा प्रशिक्षण स्तर याले या कोलंबिया के एक छात्र को उपलब्ध है। वही स्तर उत्तरकाशी के एक टेªक गाइड, दिल्ली के एक आसरा ट्रस्ट से जुडे युवा, एवं राष्ट्रसेवा हेतु तैयार हो रहे एक रक्षा कैडेट को भी उपलब्ध होना चाहिए। भारत के नागरिकों के पास साहस की कमी नहीं है, हमारे पास संरचित विश्व स्तरीय प्रशिक्षण की कमी रही है, जो उनके निकअ उपलब्ध हो। यह कार्यक्रम उसी कमी को पूरा करता है। इंस्टीटयूट के लिए यह सहयोग एक एकल आयोजन नहीं है, यह स्कूलांे, कार्पोरेट, संस्थानों, प्रथम प्रतिक्रिया करने वालो एवं सरकारी एजेंसियों सहित भारत के प्रत्येक हितधारक तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तरीय आपातकालीन, बचाव एवं उत्तरजीविता प्रशिक्षण पहुंचाने की एक दीघ्र कालिक प्रतिबद्धता का आरंभ है। इस मौके पर टैªक लीडरएवं एडवांस्ड कोर्स इंस्ट्रक्टर नंद बहादुर ने कहा कि उन्होंने पहाड़ो पर अनेक वर्ष बिताये और हमेशा प्राथमिक चिकित्सा किट साथ रखी परंतु इस कोर्स से पहले वास्तव में यह पता नहीं था कि आपातकाल में क्या करना होता है। लेकिन इस प्रशिक्षण के बाद अपने को पूर्ण रूप से तैयार महसूस कर रहा हूं, रक्तस्राव को रोक सकता हंू व निर्णय ले सकता हू कि रोगी को कब और कैसे निकाला जाय। यह ऐसे स्थानों के लिए जहां एंबुलेंस व अस्पताल दूर है यह तकनीकि अच्छा कार्य कर सकती है। दून डिफेंस अकादमी के निदेशक संदीप ने कहा कि हमारा उददेश्य कैडेटस को उत्तीर्ण करने के लिए तैयार करना नहीं बल्कि राष्ट्र की वर्दी धारण करने योग्य बनाना है। विल्डरेस फर्स्ट एड प्लस प्रशिक्षण इस योग्यता का निर्माण करता है। इस मौके पर संस्थान के निदेशक एसपी चमोली सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
