मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में पटवारी न होने से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, किसी भी प्रकार के प्रमाण पत्र न बनाये जाने से लोगों को सरकारी योजनाओं, महाविद्यालयोंं में प्रवेश तक नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में नगर पालिका सभासद अमित भटट ने जिलाधिकारी को एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर समस्या के समाधान की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया कि राजधानी के निकट होने पर भी कचहरी से जनता के रोजमर्रा के कार्य नहीं हो पा रहे है, जबकि मुख्यमंत्री ने तो तहसील की घोषणा की थी लेकिन यहां तो पटवारी तक नहीं है एसडीएम व नायब तहसीलदार भी स्थाई नहीं है। पालिकासभासद अमित भटट ने दिए गये ज्ञापन में अवगत कराया कि गत एक माह से मसूरी में पटवारी की नियुक्ति न होने से लोगों को स्थाई निवास, आय प्रमाण पत्र, वारिसान प्रमाण पत्र आदि नहीं बन पा रहे है जिसके कारण छात्रों को विश्वविद्यालयों में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि दूर दराज के गांव व शहर में भी कचहरी के कार्य ऑन लाइन हो चुके है परंतु मसूरी राजधानी से लगी होने के बाद भी यहां कचहरी के कार्य ऑन लाइन नहीं हो पाया है। अधिकारी सप्ताह में एक बार मसूरी आते है व एसडीएम भी स्थाई न होने से वह भी सप्ताह में दो बार मसूरी आते हैं, यहीं हाल नायब तहसीलदार का है, जबकि पटवारी एक माह से नहीं है। ऐसे में जनता एक प्रमाण पत्र बनाने के लिए कचहरी के चक्कर काटने को मजबूर है व उसके बाद भी कार्य नहीं हो पा रहे हैं, ऐसा लगता है प्रशासन ने मसूरी को लावारिश छोड दिया है वहीं कचहरी में इंटरनेट नहीं चलता न मोबाइल का नेटवर्क चलता है जिससे भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। जबकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया की बात करते हैं यह उनके सपने पर कठोराघात है। ज्ञापन में मांग की गई कि आगामी सात दिनों के अंदर पटवारी की नियुक्ति नहीं की गयी व एसडीएम व नायब तहसीलदार को सप्ताह में तीन दिन मसूरी में बैठने का निर्णय नहीं लिया जाता तो प्रशासन के विरोध में धरना प्रदर्शन किया जायेगा। ज्ञापन देने वालों में पालिका सभासद अमित भटट, तरूण नेगी, आशीष जोशी, सचिन पंवार, आशीष कुमार, शिवम कुमार, तुषार व राजेश नेगी आदि थे।
ज्ञापन में कहा गया कि राजधानी के निकट होने पर भी कचहरी से जनता के रोजमर्रा के कार्य नहीं हो पा रहे है, जबकि मुख्यमंत्री ने तो तहसील की घोषणा की थी लेकिन यहां तो पटवारी तक नहीं है एसडीएम व नायब तहसीलदार भी स्थाई नहीं है। पालिकासभासद अमित भटट ने दिए गये ज्ञापन में अवगत कराया कि गत एक माह से मसूरी में पटवारी की नियुक्ति न होने से लोगों को स्थाई निवास, आय प्रमाण पत्र, वारिसान प्रमाण पत्र आदि नहीं बन पा रहे है जिसके कारण छात्रों को विश्वविद्यालयों में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि दूर दराज के गांव व शहर में भी कचहरी के कार्य ऑन लाइन हो चुके है परंतु मसूरी राजधानी से लगी होने के बाद भी यहां कचहरी के कार्य ऑन लाइन नहीं हो पाया है। अधिकारी सप्ताह में एक बार मसूरी आते है व एसडीएम भी स्थाई न होने से वह भी सप्ताह में दो बार मसूरी आते हैं, यहीं हाल नायब तहसीलदार का है, जबकि पटवारी एक माह से नहीं है। ऐसे में जनता एक प्रमाण पत्र बनाने के लिए कचहरी के चक्कर काटने को मजबूर है व उसके बाद भी कार्य नहीं हो पा रहे हैं, ऐसा लगता है प्रशासन ने मसूरी को लावारिश छोड दिया है वहीं कचहरी में इंटरनेट नहीं चलता न मोबाइल का नेटवर्क चलता है जिससे भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। जबकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया की बात करते हैं यह उनके सपने पर कठोराघात है। ज्ञापन में मांग की गई कि आगामी सात दिनों के अंदर पटवारी की नियुक्ति नहीं की गयी व एसडीएम व नायब तहसीलदार को सप्ताह में तीन दिन मसूरी में बैठने का निर्णय नहीं लिया जाता तो प्रशासन के विरोध में धरना प्रदर्शन किया जायेगा। ज्ञापन देने वालों में पालिका सभासद अमित भटट, तरूण नेगी, आशीष जोशी, सचिन पंवार, आशीष कुमार, शिवम कुमार, तुषार व राजेश नेगी आदि थे।
