मनरेगा का नाम बदल कर गरीबों का रोजगार छीनने का कार्य किया है।

उत्तराखंड देहरादून/मसूरी

मसूरी। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संजय किशोर ने मसूरी में पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा सरकार ने मनरेगा का नाम बदल कर महात्मा गांधी को अपमान किया है। कांग्रेस की केंद्र सरकार में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने निश्चित गारंटी योजना थी जो सौ दिन रोजगार देती थी व जितनी भी मांग होती थी उसमें कोई अवरोध नहीं होता था उसके लिए बजट की कमी की बात नहीं की जाती थी ग्राम स्तर पर स्वीकृतियां हो जाती थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने मनरेगा का नाम बदल कर गरीबों का रोजगार छीनने की तैयारी की है जिस पर एआईसीसी व पीसीसी के दिशा निर्देश पर आम जनता को इसके बारे में बताने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा को बचाने के लिए ग्राम स्तर पर जिनको काम मिलता था जो अवरोध पैदा किए है व इसे डारेक्ट न इनडारेक्ट कर दिया है उसे बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलायेगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा को कांग्रेस बंद करना चाहती है जिसमें अवरोध पैदा किए जा रहे है अब कहते हैं कि एक सौ पच्चीस दिन रोजगार दिया जायेगा लेकिन साठ दिन नहीं दिया जायेगा। अब मांग के अनुसार रोजगार नहीं मिलेगा इसकी गारंटी नहीं है यूपीए के समय रोजगार की गारंटी थी। वहीं इसमें केंद्र साठ व राज्य चालीस प्रतिशत देगा ऐसे में जहां सरकारे नहीं है वहांं कैसे होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता पूरे प्रदेश में एक एक मुददों को जनता के सामने ला रही है जिससे बीजेपी के जनविरोधी नीति को समझ रही है व आने वाले 2027 में प्रदेश के कांग्रेस की सरकार बनेगी। उन्होंने अंकिता भंडारी कांड की सीबीआई जांच पर जिलाध्यक्ष संजय किशोर ने कहा कि इसमें मातृ शक्ति, उत्तराखंड के सभी वर्गों का संघर्ष, कांग्रेस का संघर्ष रहा जिस पर सरकार को झुकना पड़ा व सीबीआई जांच की संस्तुति की। वहीं ंअंकिता भंडारी के परिजनों ने कहा कि सीबीआई जांच हाई कोर्ट के सीटिंग जज की देखरेख में होनी चाहिए तभी जांच सही हांगी। उन्होंने प्रदेश के घोटालों को जनता के सामने लाये जायेंगे, सरकार घोटाले करने के लिए नहीं होती ऐसे में ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार असंवेदनशील सरकार है जब ज्योति अधिकारी ने सिंबल के रूप में संघर्ष के रूप में दराती दिखाई तो उस पर मुकदमा कर जेल भेज दिया गया जब भाजपा के लोग खुले आम हथियार बांटे उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। जबकि भाजपा की सरकार बनाने में मातृशक्ति का बडा योगदान है। आज मातृशक्ति अंकिता भंडारी हो या ज्योति अधिकारी हो  उनका शोषण करने से कोई गुरेज नहीं कर रही। आम जन को उनसे पूछना चाहिए। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, पीसीसी सदस्य उपेंद्र थापली, मेघ सिंह कंडारी, वसीम खान, महेश चंद, तेजपाल सिंह रौथाण, अजीत अहमद, महिमानंद, राजेश मल्ल, प्रशांत खंडूरी, रितेश्ज्ञ जोशी, नीरज पाल, राजीव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।