सप्तशक्ति कार्यक्रम में महिला सशक्ति करण, चरित्र निर्माण, संगठित परिवार पर विचार रखे

उत्तराखंड देहरादून/मसूरी

मसूरी। महात्मा योगेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मसूरी में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही शीला रावत, वक्ता डॉ कविता शुक्ला, विजयलक्ष्मी काला के द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
सरस्वती वंदना के पश्चात कार्यक्रम की संयोजिका मंजू बंगवाल ने उपस्थित वक्ताओं का परिचय एवं कार्यक्रम के उद्देश्य से अवगत कराते हुए बताया कि आज के समाज में नारी शक्ति के जागरण की परम आवश्यकता है। कार्यक्रम की वक्ता विजय लक्ष्मी काला ने कुटुंब प्रबोधन एवं पर्यावरण के संबंध में भारतीय दृष्टि पर अपने विचार व्यक्त करते हुए नारी शक्ति को समाज की विसंगतियों को दूर करने और चरित्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। परिवार हम सबको एक संगठित कर एवं समाज की वर्तमान समय में उत्पन्न चुनौतियों से पर पानी में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्माण करता है परिवार संगठित रहता है तो किसी भी प्रकार की समस्या का सामना आसानी से कर पाते हैं जबकि जब भी हम अकेले होते हैं तो समस्याओं से जूझने में समय दिक्कत आती है इसलिए हम सबको अपने परिवार को संगठित करते हुए संस्कार बार बनाना अपने परिवार में एक साथ बैठकर भोजन करना भजन करना भ्रमण करना अपना पारंपरिक वेशभूषा पहन करके अपना पारंपरिक खान-पान का व्यवहार में लाकर अपने बच्चों को अपने अपने पुराने रीति रिवाज से जुड़ाव रखते हुए उनको अपनी प्राचीन सभ्यता और संस्कृति से  जोड़े रखना चाहिए। वक्ता डॉ कविता शुक्ला ने भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका विषय पर बोलते हुए समाज में फैली कुरीतियों को मिटाने हेतु महिला समूह संगठन बनाकर नई चेतना लाने पर बल दिया। उन्होंने कहा की आज भारत विश्व गुरु बनने की और पुनः अग्रसर है, इसमें प्राचीन काल से ही भारत की महिलाओं की प्रमुख भूमिका रहीं, समाज के हर क्षेत्र में बहनों द्वारा अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहीं है। अभिभावक होने के नाते हम भी अपने बच्चों में अच्छे संस्कार, आध्यात्मिक गुण एवं सामाजिक दायित्व की पूर्ति का भाव उत्पन्न कर उन्हें आदर्श नागरिक के तौर पर खड़ा कर सके तो हम सब भी भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्माण कर रहे होंगे। सुनीता ढोढ़ियाल ने उपस्थित मातृशक्ति से प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम कराया गया तथा पुरस्कार वितरण किया गया। विद्यालय की छात्राओं ने  प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी का मन मोह लिया। जबकि विद्यालय की समस्त आचार्याओं का सहयोग सराहनीय रहा। अंत में सोनी सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए मंच को गीता भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर लता तिवारी, पुष्पा रावत, दुर्गा नयाल, अनीता, रजनी, रश्मि, सहित लगभग 230 मातृशक्ति उपस्थित रहीं।