मसूरी। हरेला पर्व के अवसर पर मसूरी वन प्रभाग, कैम्पटी रेंज एवं द हिमालयन इंटरनेशनल स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में वृक्षारोपण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि हरेला उत्तराखंड का एक प्रमुख लोक पर्व है, जो हरियाली, प्रकृति और नई फसल के आगमन के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व प्रकृति के प्रति आस्था और वृक्षारोपण की परंपरा को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से जाना जाता है, और इस दिन घर-घर में पौधे रोपने की सदियों पुरानी परंपरा आज भी जीवंत है। कार्यक्रम की मुख्य संरक्षक एवं द हिमालयन इंटरनेशनल स्कूल की चीफ पैट्रन मधुरी चमोली ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ हमारे जुड़ाव का उत्सव है। हमारा विश्वास है कि यदि बच्चों में बचपन से ही वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के संस्कार डाले जाएं, तो वे आगे चलकर एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनते हैं। हमारे विद्यालय का दर्शन शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखकर, उसे प्रकृति, संस्कृति और सामाजिक दायित्व से जोड़ने का रहा है। आज का यह वृक्षारोपण शिविर हमारे इसी प्रयास की एक कड़ी है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व डीआईजी, आईटीबीपी एवं हिमालयन एडवेंचर इंस्टीट्यूट के निदेशक एस.पी. चमोली ने छात्र छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रकृति के प्रति जागरूक तथा जिम्मेदार नागरिक बनने हेतु प्रेरित किया। इस वृक्षारोपण अभियान ने विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और सुदृढ़ किया। इस अवसर पर वन विभाग की ओर से वन दरोगा फतेह सिंह, बीट अधिकारी अजीत सिंह केंत्रा, मुकेश रावत, रमन सजवाण, सरदार सिंह एवं सुरेंद्र रावत सहित अन्य लोग मौजूद रहे
