आखिर जाम से कब मिलेगी मसूरी को मुक्ति, पर्यटक परेशान व्यवस्था पर सवाल।

उत्तराखंड देहरादून/मसूरी

 

वीक एंड व अवकाश होने पर बड़ी संख्या में पर्यटकों को मसूरी पहुंचने के लिए खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। देहरादन से मसूरी तक लगातार जाम लगे रहने से पर्यटकों को मसूरी पहुंचने में दो से तीन घंटे का समय लगा व जाम के लंबे समय तक फंसे रहने पर परेशानियों का सामना करना पड़ा। लगातार जाम लगने से प्रशासन व पुलिस की व्यवस्था पर भी सवाल खडे होने लगे है कि आखिर प्रशासन व पुलिस इस ओर ध्यान देने में लापरवाही क्यों बरत रही है।
मसूरी भले ही पहाडों की रानी हो लेकिन यहां पर प्रशासनिक व्यवस्थाये चरमरा गयी हैं। हर साल पर्यटन सीजन से पहले बैठके होती है, व व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती है, उसके बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार न होना प्रशासन व पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। यह समस्या केवल इसी साल की नहीं यह समस्या पिछले कई वर्षों से चली आ रही है, पार्किगों की कमी व व्यवस्था में सुधार की बातें हमेशा की जाती है लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं होती। पुलिस की कमी सबसे बड़ा कारण माना जाता है, जिसके कारण व्यवस्था गड़बड़ा जाती है लेकिन जो पुलिस कर्मी मसूरी में हैं वे लगातार जाम खुलवाने में खून पसीना बहा रहे है, लेकिन फिर भी व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। गुडफ्राइडे को तो देहरादून से मसूरी तक वाहनों की कतार लगी रही। जेंपी बैड से लाइब्रेरी, किंक्रेग से पिक्चर पैलेस, मोती लाल नेहरू मार्ग हो या अन्य कोई मार्ग सब जगह जाम ही जाम नजर आया। लंढौर बाजार क्षेत्र तो हमेशा से उपेक्षित रहा है व यहां के जाम की समस्या का निदान होना संभव नहीं लग रहा है। हालांकि छावनी परिषद ने क्षेत्र में प्रवेश के लिए पांच सौ वाहनों का पंजीकरण करने का निर्णय लिया है लेकिन यह निर्णय सही नहीं लग रहा है ऐसे में जो वाहन लाल टिब्बा क्षेत्र में जाना चाहते है व उनका पंजीकरण न होने के कारण उनको पुराने टिहरी रोड की ओर भेजे जाने से इस क्षेत्र में भी जाम लगने लगा है। मलिंगार की चढाई में तो सुबह से रात तक जाम ही जाम लगा रहता है जिससे इस क्षेत्र के व्यवसायियों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। जाम से निजात पाने के लिए सरकार व शासन प्रशासन को गंभीरता से लेते हुए कोई ठोस उपाय ढूढना होगा वरना मसूरी का पर्यटन जाम के चलते प्रभावित हो सकता है। पुलिस को ठोस ट्रैफिक प्लान बनाना होगा। हालांकि अभी सीजन पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है लेकिन इन दिनों जो समस्यायें आ रही है उससे सीख लेते हुए कुछ तो करना पडेगा वरना मसूरी जाम का शहर बन जायेगा जिसका खामियाजा पर्यटन व्यवसाय को भुगतना पडे़गा।