मसूरी। झडीपानी में रेलवे व स्थानीय लोगों के बीच भूमि का विवाद एक बार फिर सामने उस समय आया जब एसडीएम राहुल आनंद व नायब तहसीलदार उपेंद्र राणा टीम के साथ मौके पर भूमि सीमांकन पर कार्रवाई करने पहुंचे। इस मौके पर रेलवे के अधिकारी व भूमिधर भी मौजूद थे।
झडीपानी रेलवे की भूमि पर कब्जे को लेकर लंबे समय से रेलवे व भूमिधरों के बीच विवाद चल रहा है तथा कई बार लोगों को नोटिस दिए जा चुके है व मौके पर विवाद भी हुआ है। इसी कड़ी में एसडीएम राहुल आनंद व नायब तहसीलदार उपेंद्र पंवार टीम को लेकर मौके पर पहुंचे व रेलवे तथा भूमिधरों के नक्शों का मूल्यांकन किया। इस मौके पर एसडीएम राहुल आनंद ने कहा कि लंबे समय से रेलवे व भूमिधरों मकडेती, झडीपानी व थालागांव के बीच सीमांकन को लेकर विवाद चल रहा है। जिसमें प्रशासन की टीम ने लोगों व रेलवे की रजिस्ट्री, नक्शे आदि का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि एक बार रेलवे व भूमिधरों के कागजों का मिलान किया जायेगा व 1940 के समझौते की मूल प्रति को देखा जायेगा ताकि शीघ्र सीमांकन किया जा सके व विवाद समाप्त हो सके। उन्होंने कहा कि जब तक भूमि का सीमांकन नहीं किया जाता तब तक दोनो पक्ष कोई विवाद नहीं करेंगे। सीमांकन में समय लगेगा तब तक किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जायेगी। इस मौके पर भूमिधर प्रतिनिधि अजय गोयल ने बताया कि लंबे समय से रेलवे व भूमिधरों के बीच भूमि का विवाद चल रहा है, लेकिन इसका अभी तक सीमांकन नहीं किया गया। अब एसडीएम व नायब तहसीलदार आये है। उन्हांने कहाकि 1940 में रेलवे व भूमिधरों के बीच समझौता हो चुका था उसी के आधार राजस्व विभाग के नक्शे में सीमा तय की जा चुकी है उसी के आधार पर भूमि की नाप की जाय ताकि विवाद समाप्त हो सके। एसडीएम ने भी कहा कि नक्शे के हिसाब से तय किया जायेगा व सीमाकंन किया जायेगा। रेलवे ने जो नोटिस दिए थे वह गलत थे गत सप्ताह भी भूमि का सींमांकन किया गया उसमें तय हो चुका है व अब एसडीएम आये है व उसी नक्शे के अनुसार सीमांकन हो रहा है। यह सौ प्रतिशत तय है कि जो कागजों में है उसे कोई बदल नहीं सकता। इस मौके पर बड़ी संख्या में भूमिधर व रेलवे के अधिकारी मौजूद रहे।
