मसूरी। मसूरी क्षेत्र में आवासीय व्यवस्था, पॉकेट पार्किंग एवं भवन मानकों में व्यावहारिक एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाए जाने के संबंध में भाजयुमो प्रदेश मंत्री आर्यन देव उनियाल ने एमडीडीए के उपाध्यक्ष वंशीधर भगत को ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया कि मसूरी में आम जनता को आवासीय समस्या से जूझना पड़ रहा है जिस पर छोटे आवासीय निर्माण हेतु नीति का पुनरावलोकन कर समाधान की मांग की है कहा गया कि अनेक स्थानीय परिवार, जिनके पास वैध स्वामित्व वाली भूमि है, वैधानिक सीमा के भीतर दो कमरों का साधारण आवास भी निर्मित नहीं कर पा रहे हैं। प्रक्रियात्मक जटिलताओं के कारण छोटे निर्माण प्रभावित होते हैं, जिससे आम नागरिक स्वयं को असहज अनुभव करता है। अतः छोटे भू-स्वामियों के लिए स्पष्ट, सरल एवं व्यावहारिक नीति बनाते हुए आवश्यक नीति-पुनरावलोकन किया जाना अपेक्षित है, ताकि उनकी वास्तविक आवश्यकता का समाधान हो सके और कानून का पालन समान रूप से सुनिश्चित रहे। वहीं मांग की गयी कि मसूरी में कार्यरत एवं निवासरत अनेक निम्न आय वर्ग के परिवार बढ़ती भूमि दरों के कारण सम्मानजनक आवास से वंचित हैं। अतः एम.डी.डी.ए. द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हेतु एक सुनियोजित आवासीय योजना विकसित की जाए, जिसमें मूलभूत सुविधाएँकृसड़क, पेयजल, विद्युत एवं जल निकासीकृसुनिश्चित हों। यह सामाजिक न्याय की दिशा में आवश्यक कदम होगा। मांग की गयी कि नगर में बढ़ती यातायात समस्या के समाधान हेतु चिन्हित निजी एवं सरकारी भूमि का समुचित उपयोग कर छोटे-छोटे पॉकेट पार्किंग स्थल विकसित किए जाएँ। इससे यातायात सुचारु होगा, अव्यवस्थित पार्किंग पर नियंत्रण लगेगा तथा स्थानीय व्यापार एवं पर्यटन को सहूलियत मिलेगी। इस मौके पर भाजयुमों के प्रदेश मंत्री आर्यन देव उनियाल ने कहा कि मसूरी की जनता से निरंतर संवाद के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि विकास की प्रक्रिया तभी सार्थक है जब वह न्यायपूर्ण, संतुलित एवं जनसरोकारों के अनुरूप हो। ऐसे में जनता की भावना को ध्यान में रखकर जनहित की मांगों पर विचार कर समाधान किया जाय व सभी विषयों पर प्राथमिकता के आधार पर समुचित विचार कर आवश्यक एवं ठोस कार्यवाही सुनिश्चित करने की जाय। जिससे मसूरी का विकास न्यायसंगत, संतुलित एवं जनहितकारी रूप से आगे बढ़ सके।
ज्ञापन में कहा गया कि मसूरी में आम जनता को आवासीय समस्या से जूझना पड़ रहा है जिस पर छोटे आवासीय निर्माण हेतु नीति का पुनरावलोकन कर समाधान की मांग की है कहा गया कि अनेक स्थानीय परिवार, जिनके पास वैध स्वामित्व वाली भूमि है, वैधानिक सीमा के भीतर दो कमरों का साधारण आवास भी निर्मित नहीं कर पा रहे हैं। प्रक्रियात्मक जटिलताओं के कारण छोटे निर्माण प्रभावित होते हैं, जिससे आम नागरिक स्वयं को असहज अनुभव करता है। अतः छोटे भू-स्वामियों के लिए स्पष्ट, सरल एवं व्यावहारिक नीति बनाते हुए आवश्यक नीति-पुनरावलोकन किया जाना अपेक्षित है, ताकि उनकी वास्तविक आवश्यकता का समाधान हो सके और कानून का पालन समान रूप से सुनिश्चित रहे। वहीं मांग की गयी कि मसूरी में कार्यरत एवं निवासरत अनेक निम्न आय वर्ग के परिवार बढ़ती भूमि दरों के कारण सम्मानजनक आवास से वंचित हैं। अतः एम.डी.डी.ए. द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हेतु एक सुनियोजित आवासीय योजना विकसित की जाए, जिसमें मूलभूत सुविधाएँकृसड़क, पेयजल, विद्युत एवं जल निकासीकृसुनिश्चित हों। यह सामाजिक न्याय की दिशा में आवश्यक कदम होगा। मांग की गयी कि नगर में बढ़ती यातायात समस्या के समाधान हेतु चिन्हित निजी एवं सरकारी भूमि का समुचित उपयोग कर छोटे-छोटे पॉकेट पार्किंग स्थल विकसित किए जाएँ। इससे यातायात सुचारु होगा, अव्यवस्थित पार्किंग पर नियंत्रण लगेगा तथा स्थानीय व्यापार एवं पर्यटन को सहूलियत मिलेगी। इस मौके पर भाजयुमों के प्रदेश मंत्री आर्यन देव उनियाल ने कहा कि मसूरी की जनता से निरंतर संवाद के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि विकास की प्रक्रिया तभी सार्थक है जब वह न्यायपूर्ण, संतुलित एवं जनसरोकारों के अनुरूप हो। ऐसे में जनता की भावना को ध्यान में रखकर जनहित की मांगों पर विचार कर समाधान किया जाय व सभी विषयों पर प्राथमिकता के आधार पर समुचित विचार कर आवश्यक एवं ठोस कार्यवाही सुनिश्चित करने की जाय। जिससे मसूरी का विकास न्यायसंगत, संतुलित एवं जनहितकारी रूप से आगे बढ़ सके।
