बारिश न होने से सूखी ठंड बढी पाला पडने से लोग परेशान। 

उत्तराखंड देहरादून/मसूरी
मसूरी। पर्यटन नगरी में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है हालांकि दिन में धूप खिली रहती है लेकिन सुबह व शाम को कड़ाके की ठंड होने से जन जीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं मौसम साफ होने पर पाला पड़ रहा है व जहां पानी गिरता है वहां पर पानी जमने लगा है।
कड़ाके की सर्दी होने से आम नागरिकों सहित पर्यटकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन पर्यटक मसूरी की ठंड का पूरा आनंद ले रहे हैं। दिन में अच्छी धूप खिली होने के कारण पर्यटक खुश नजर आ रहे है क्यो कि इन दिनों मैदानी क्षेत्रों में घना कुहरा लगा होने से धूप नहीं है लेकिन पहाड़ों पर अच्छी धूप खिली है। वहीं दूसरी ओर शाम को नगर पालिका के माध्यम से जगह जगह अलाव जलाये जा रहे है जिससे मसूरी के स्थानीय लोगों सहित पर्यटक शाम के समय आग सेंक कर ठंड से बचने का प्रयास करते हैं। रात को कड़ाके की ठंड होने व पाला पड़ने से खासी परेशानी हो रही है रात के तापमान में भारी गिरावट आने से सुबह के समय जहां पानी बहता रहता है वह जमा नजर आता है जिससे फिसलन बढ जाती है वहीं रात को पाला पड़ने पर सुबह देखा जाता है कि रोड किनारे खडे वाहनों के शीशों पर पाला जमा होता है स्कूटियों की सीट पर बर्फ की तरह सफेद पाला जमा रहता है वही रोड के किनारे बर्फ जैसा पाला जमा रहता है। जो दिन में धूप खिलने के बाद समाप्त हो जाता है व फिर रात को जम जाता है। वाहनों के शीशे पर पाले की मोटी परत जम जाने के कारण गर्म पानी से शीशों को धोना पड़ता है। तब जाकर शीशा साफ होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार मौसम की बेरूखी से सभी हैरान है तीन माह से अभी तक एक बूंद बारिश न होने के कारण सूखी ठंड पड़ रही है जिससे लोग बीमार हो रहे है अस्पतालों में खांसी जुकाम व बुखार के रोगी बढते जा रहे है। लोगों का कहना है कि इससे बचने के लिए बारिश का होना जरूरी है। हालांकि गत वर्ष नौ दिसंबर को हिमपात हो गया था लेकिन इस बार अभी तक बारिश तक नहीं पड़ी। लोगों का यह भी कहना है कि अगर इसी तरह मौसम रहा तो आने वाले सीजन में पानी की किल्लत हो सकती है व स्रोत सूख जायेंगे व रोगियों की संख्या लगातार बढती रहेगी।