मसूरी। आरएन भार्गव इंटर कालेज परिसर में उत्तराखंड के गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की जयंती अत्यंत गरिमा, उत्साह और लोक-सांस्कृतिक भावनाओं के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। संपूर्ण आयोजन में स्थानीय लोक संस्कृति और भाषाओं को विशेष महत्व दिया गया।
’कार्यक्रम का मंच संचालन गढ़वाली भाषा में व्यायाम शिक्षक शैलेन्द्र सिंह बिष्ट द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं ओजपूर्ण ढंग से किया गया,’ जिससे कार्यक्रम में लोकभावना और आत्मीयता का सुंदर समावेश देखने को मिला। ’इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता विजय प्रसाद भट्ट, रंजना पंवार, विमला गौड़, डॉ. मयूश रावत, नरेश कोटनाला, संजीव जोशी एवं बलबीर ने गढ़वाली भाषा में स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी के जीवन, उनके संघर्ष, त्याग तथा उत्तराखंड राज्य निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डाला। ’वक्ताओं ने स्व इंद्रमणि बडोनी को अहिंसा, सत्य और जनआंदोलन का प्रतीक बताते हुए उन्हें उत्तराखंड राज्य का वैचारिक शिल्पकार कहा। ’कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा नंदा देवी राजजात यात्रा का अत्यंत सुंदर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित सभी जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने जौनसारी, गढ़वाली एवं जौनपुरी लोकगीतों पर आधारित रंगारंग नृत्य प्रस्तुत’ किए तथा पारंपरिक लोकगीतों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति को जीवंत किया। कार्यक्रम की एक विशेष झलक यह रही कि विद्यालय के ’सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएँ पारंपरिक लोक परिधानों में उपस्थित रहे,’ जिससे संपूर्ण वातावरण उत्तराखंडी सांस्कृतिक रंग में रंगा हुआ प्रतीत हुआ। कार्यक्रम के अंत में ’प्रधानाचार्य अनुज कुमार तायल ने गढ़वाली भाषा में स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी के जीवन एवं विचारों’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्व इंद्रमणि बडोनी का जीवन आज की पीढ़ी के लिए संघर्ष, सादगी और समर्पण की प्रेरणा है। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
